कठुआ। वसंत पंचमी का पर्व जिले में आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान जहां सुबह से की लोगों ने मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना की, वहीं शहर में दिन भर चले पतंगबाजी के कारण हर गली मोहल्ले में ये काटा और वो काटा की आवाज गूंजती रही। पतंगबाजी में जहां काफी संख्या में युवा दिनभर मशगूल रहे। वहीं, दिन भर कइयों ने कटी हुई पतंगों को लूटने में ही पर्व का मजा लिया।
बुधवार की अलसुबह से पर्व के चलते छतों पर युवाओं ने अपना डेरा जमाया और पतंगबाजी की। सुबह के समय अपेक्षाकृत आसमान में कम दिख रही पतंगों ने दोपहर के बाद पूरे आसमान पर अपना कब्जा जमा लिया और देखते ही देखते पूरा आसमान रंगबिरंगी पतंगों से भर गया। इस दौरान आसमान में परवाज भर रही पतंगों के बीच लड़ रहे पेंचों के कारण हर गली और मोहल्ले में कहीं चल गयाइयों तो कहीं ये काटा और वो काटा की आवाज गूंजती रही। उधर कटी हुई पतंगों को लूटने में लगे बच्चों में भी गजब का उत्साह देखने को मिला। वहीं कई स्थानों पर बुजुर्गों और महिलाओं ने भी पतंगबाजी के शौक को पूरा किया। पतंगबाजी का यह दौर शाम तक जारी रहा।
उधर, विद्या की देवी सरस्वती के प्राकट्य का पर्व वसंत पंचमी पर मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां शारदे की आराधना की। शहर के लोअर शिवानगर स्थित आदियोगी गुरु आश्रम में माता सरस्वती के विशेष पूजन का आयोजन किया गया। आदियोगी गौतम महाराज की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम माता को स्नान करवाया गया और उनका पीतांबर से श्रृंगार किया गया। इसके बाद विधि विधान से पूजन किया गया और सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस मौके पर आदियोगी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान की देवी माता सरस्वती के प्राकट्य का पर्व है, जिनकी पूजा अर्जना से ज्ञान की प्राप्ति होती है। लिहाजा सभी विद्यार्थियों को इस दिन होने वाली माता के पूजन में अवश्य शामिल होना चाहिए। वहीं उन्होंने सभी को ऋतुओं के राजा वसंत के आगमन की भी शुभकामना दी।
चायनीज डोर का धड़ल्ले से हुआ
वसंत पंचमी के दिन शहर में होने वाली पतंगबाजी में एक बार चायनीज डोर का धड़ल्ले से इस्तेमाल हुआ। इस दौरान आसमान में परवाज कर रही 80 प्रतिशत पतंगों को उड़ाने में इसी डोर का इस्तेमाल किया गया। प्रतिबंध के बावजूद पतंगबाज जहां सरेआम इसका इस्तेमाल करते देखे गए, वहीं अब तक चोरी छिपे इनका कारोबार करने वाले दुकानदारों ने भी दिनभर बिना किसी रोकटोक के इस डोर को बेचा। प्रतिबंधित डोर का सरेआम होने वाला कारोबार रोकने के लिए न तो अधिकारी और न ही कोई विभाग कार्रवाई करता दिखा।