15 दिनों के अंतराल में सूर्य ग्रहण के बाद चंद्र ग्रहण का कठुआ जिले में व्यापक असर देखने को मिला। मंगलवार को ग्रहण से पूर्व लगने वाले सूतक के चलते जहां सुबह से मंदिरों के कपाट बंद रहे। वहीं, बाजार में इसका असर देखने को मिला।
ग्रहण के चलते जिले भर में विभिन्न बिरादरियों की वार्षिक मेल जहां कई स्थानों पर स्थगित रही। वहीं अगर कुछ देवस्थानों पर इसका आयोजन किया भी गया तो वहां हर वर्ष की तुलना में आने वाले भक्तों की संख्या में कमी देखी गई। शाम को 5.29 बजे शुरू होने वाले ग्रहण से पूर्व विभिन्न मंदिरों के बाहर जमा भक्त 6.10 बजे तक प्रभु के भजन कीर्तन में लीन दिखे। वहीं ग्रहण समाप्त होने के बाद लोगों ने शहर की बावलियों में स्नान कर भगवान का आशीष प्राप्त किया।
ग्रहण के संबंध में श्री महाकालेश्वर शिवदुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक शर्मा ने बताया कि इस ग्रहण का प्रभाव सबसे ज्यादा मेष राषि के जातकों के लिए रहा, जिन्हें ग्रहण के चलते कुछ कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे जातक जप, ध्यान और दान के माध्यम से ग्रहण के प्रभाव को कम कर सकते हैं।