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Kathua News: तरनाह नाले में बने दो अस्थायी मार्ग टूटे

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हीरानगर। बारिश होने के कुछ ही घंटों बाद तरनाह नाले ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया। नाले में पानी के तेज बहाव ने यहां बने दो अस्थायी वैकल्पिक मार्गों को तोड़ दिया। इसकी वजह से अब बड़े माल वाहकों को एक बार फिर ओल्ड सांबा कठुआ सड़क पर परिवर्तित कर दिया गया है। इससे अब फिर इन चालकों को दो से तीन किलोमीटर का सफर 20 से 25 किलोमीटर में पूरा करना पड़ रहा है।
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बरसात के समय जुलाई महीने में इस नाले में आई बाढ़ से हाईवे का पुल धंस गया था। इससे हाईवे का सीधा संपर्क टूट गया और यातायात ओल्ड सांबा कठुआ सड़क पर परिवर्तित कर दिया गया। पुल धंसने के करीब डेढ़ महीने बाद यहां एक पक्के वैकल्पिक मार्ग का निर्माण शुरू किया गया। इसे भी बाढ़ ने कई बार नुकसान पहुंचा। सितंबर मध्य में वैकल्पिक मार्ग तैयार हुआ लेकिन यहां से सिर्फ छोटे वाहन और यात्री बसों को ही गुजरने की अनुमति मिली। बड़े वाहन चालकों को चड़वाल और लौंडी से ओल्ड सांबा कठुआ सड़क पर ही भेजा जाता रहा, जहां तीन से चार किलोमीटर का सफर इन चालकों को 20 से 25 किलोमीटर में करना पड़ा। उनकी परेशानी को देखते हुए दिसंबर में धंसे पुल के नजदीक एक कच्चे अस्थायी रास्ते का निर्माण किया गया। जम्मू से पंजाब या दूसरे राज्यों को जाने वाले बड़े वाहनों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई। शनिवार को पक्के वैकल्पिक मार्ग के नजदीक एक और अस्थायी मार्ग तैयार किया गया ताकि दूसरे राज्यों से जम्मू की तरफ जाने वाले बड़े वाहन भी इस नाले को आसानी से पार कर सकें लेकिन बुधवार रात और वीरवार सुबह हुई बारिश के बाद नाले में पानी के तेज बहाव ने इन दोनों अस्थायी विकल्प मार्गों को बीच में से तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस और यातायात पुलिस ने एक बार फिर चड़वाल और लौंडी से बड़े वाहनों को ओल्ड सांबा कठुआ सड़क से भेजना शुरू कर दिया है। इससे इन वाहन चालकों की दिक्कतें एक बार फिर बढ़ गई हैं और आने वाले कुछ और दिन समस्या झेलनी पड़ सकती है।



पुल से गुजरने के लिए अभी करना होगा और इंतजार

तरनाह में पुल धंसने के बाद आम लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बरसात में जब तक नाले में पानी भरा रहा, यहां से वाहन लेकर गुजरना तो दूर लोग पैदल भी नहीं गुजर पाए। चड़वाल दयाला चक या दयाला चक से चड़वाल तक 2 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लोगों को ओल्ड सांबा कठुआ सड़क से होकर 25 किलोमीटर अधिक सफर तय करना पड़ा। लोगों को उम्मीद थी कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी लोगों की तकलीफ को समझते हुए पुल की मरम्मत का काम जल्द करेगी लेकिन करीब साढ़े छह महीने गुजर जाने के बाद भी मरम्मत का पहला चरण भी पूरा नहीं हुआ है। अभी तक एक भी पिल्लर नहीं बना है। हालांकि एक आरटीए के जवाब में हाईवे अथॉरिटी ने यह दावा किया है कि फरवरी में पुल की मरम्मत कर इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा लेकिन जमीनी स्तर जितना काम हुआ है और जिस गति से चल रहा है, उससे साफ जाहिर होता है कि अभी कुछ और महीने लगेंगे। सुस्त गति से चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर आम लोगों में एनएचएआई के प्रति रोष है।
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वहीं पुल की मरम्मत का काम कर रही कंपनी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुल की मरम्मत के कार्य में थोड़ा और समय लग सकता है लेकिन इसी के साथ बन रहा नया पुल जल्द तैयार हो जाएगा। इसी के साथ इस बारिश से अस्थायी वैकल्पिक मार्गों को हुए नुकसान की मरम्मत का काम मौसम साफ होने और नाले में पानी कम होने पर शुरू होगा।
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