कठुआ। बावा लाल दयाल जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य पर शहर के वार्ड 19 स्थित आदियोगी आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा जारी है। बुधवार को कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसमें भक्तों का उत्साह चरम पर दिखा। कथा के पांचवें दिन कथाव्यास आदियोगी गौतम ने कृष्ण जन्म की कथा सुनाई पंडाल का वातावरण ही बदल गया। इस दौरान कथास्थल पर कंस के कारागार से लेकर नंदबाबा के दरबार में वासुदेव के आने की झांकी प्रस्तुत की गई तो श्रद्धालु खुशी से झूम उठे और बांके बिहारी का जयघोष कर खुशी का इजहार किया। वहीं, श्रद्धालु भगवान के बाल रूप की झांकी देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। इस मौके पर कथाव्यास ने मधुर आवाज में बधाई गीत प्रस्तुत किए तो पंडाल में माैजूद श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान महिला श्रद्धालुओं में भगवान के बालरूप को माखन-मिश्री का भोग लगाने के लिए होड़ दिखी। वहीं, कथाव्यास की ओर से लुटाई जा रही मिठाइयों के महाप्रसाद को पाने के लिए श्रद्धालु ललायित दिखे। कथाव्यास ने कहा कि मनुष्य भक्ति रूपी आंख में ही परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। सभी प्राणियों का परमात्मा का समभाव रहता है। संवाद