-अनुबंध आधार पर दो वर्ष की लिए नियुक्ति, जिसे बढ़ाया भी जा सकेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। इस वर्ष की शुुरुआत में जिले की पांच पंचायतों में किसान खिदमत सेंटरों पर कृषि उद्यमियों की नियुक्ति के बाद अब दूसरे चरण में 115 और पंचायतों को कृषि उद्यमियों का लाभ मिलने जा रहा है।
जिला प्रशासन ने समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएपीडी) के तहत जिले की 115 ऐसे पंचायतों को चिन्हित किया है जिसमें इनकी नियुक्ति की जाएगी। आवेदन 30 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे। अनुबंध आधार पर दो वर्ष और विस्तार योग्य नियम और शर्तों पर कृषि उद्यमियों की जिले में नियुक्ति की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने पात्र उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं।
पूर्व में जहां बिलावर की पांच पंचायतों में यह कृषि उद्यमी लगाए गए थे वहीं अब जिले के विभिन्न ब्लॉक की 115 पंचायतों में कृषि उद्यमी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एचएडीपी के नोडल अधिकारी डॉ. युगल किशोर ने बताया कि कृषि उद्यमी किसानों के लिए विभागों से समन्वय का बेहतरीन साधन होंगे। यहां उन्हें न सिर्फ योजनाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे उन्हें मदद करते हुए केंद्र सरकार के किसानों की आय को दोगुणा करने के लक्ष्य को भी पूरा करवाएंगे।
यह होंगी जिम्मेदारियां
किसान खिदमत घरों की स्थापना करना कृषि उद्यमियों की जिम्मेदारी होगी, उन्हें इसका प्रबंधन और परिचालन सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। कृषि उद्यमी अनुशंसित कृषि इनपुट की बिक्री की देखरेख करते हैं, जिसमें बीज, उर्वरक और कीटनाशक शामिल हैं। जिसमें उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट तक पहुंच हो। किसानों और संबंधित विकास विभागों के बीच संचार की सुविधा देंगे, सहयोग को बढ़ावा देने और सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने का काम करेंगे।
कृषि उद्यमी समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी), केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) और फसल बीमा के तहत योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के लिए आवेदन प्रक्रियाओं में किसानों की सहायता करेंगे। इसके साथ साथ किसानों को फसलों, बीमारियों, इनपुट और मौसम पर बहुआयामी कियोस्क के माध्यम से इंटरैक्टिव सलाहकार सेवाएं प्रदान करने का काम भी करेंगे। वे कृषि उत्पादन विभाग द्वारा बनाए गए डिजिटल पोर्टलों के उपयोग का प्रबंधन, इनपुट बुकिंग और कस्टम हायरिंग सेवाओं जैसी प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाते हैं और कृषि गतिविधियों को कारगर बनाने के लिए विपणन चैनलों से जुड़ते हैं। वे दक्ष किसान पोर्टल पर किसानों के नामांकन और प्रशिक्षण में भी मदद करेंगे। किसानों की उपज के व्यापार-से-व्यापार (बी2बी) और व्यापार से उपभोक्ता (बी2सी) चैनलों के माध्यम से विपणन की सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे किसानों की आर्थिक भलाई में योगदान मिलता है।
शुल्क लगाकर कमाई करने का अधिकार
अधिसूचना के अनुसार कृषि उद्यमियों को किसान खिदमत घरों के माध्यम से प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क लगाकर कमाई करने का अधिकार है। इन सेवा शुल्कों में आवेदनों की सुविधा, सलाहकार सेवाएं प्रदान करना, किसानों की उपज के विपणन में सहायता करना और कार्यक्रम में उल्लिखित अन्य सेवाएं शामिल हो सकती हैं। इन सेवाओं की दरें समय-समय पर मिशन निदेशक एचएडीपी द्वारा अधिसूचित की जाएंगी। कृषि उद्यमी को अनुशंसित कृषि इनपुट जैसे बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री के लिए कमीशन मिलेगा।