संवाद न्यूज एंजेसी बसोहली लाकड़ाउन के बीच कोई भी व्यक्ति भूखे पेट ना सोए इसके लिए बसोहली के कुछ युवा अपने निजी खर्च से जरूरतमंद लोगों तक राशन,व खादय सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं। लाकडाउन जब से शुरू हुआ है तब से युवाओं ने जरूरतमंद लोगों की खोज कर उनके नाम और पते की लिस्ट बनाई है इसके आधार पर युवा वर्ग की टोली जिसमें करीब 12 युवा है वह गरीबी रेखा और उससे नीचे की श्रेणी और जिनके पास राशन कार्ड तक नहीं है उन जरूरतमंद लोगों को खुद जा कर राशन वितरित कर रहे हैं। जबसे लाकडाउन शुरू हुआ है तब से लेकर आज तक करीब 1200 जरूरतमंद परिवारों में राशन व खादय सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। उपजिला बसोहली के रैहण, मंडला, करडोह, तोला, तिरडी, नगरोटा, दियारा पठियारा,सननघाट, और बसोहली नगर आदि के जरूरतमंद लोगों में यह खाद्य सामग्री वितरित की गई है। इतना ही नहीं राशन पहुंचाने के साथ-साथ यह युवा जिस स्थान पर राशन पहुंचा रहे हैं, उन लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।उदित पाधा, अंकित महाजन, अंकित डोगरा, प्रिंस शर्मा, सुशांक शर्मा आदि ने बताया कि युवा वर्ग की इस टीम का मकसद है कि लाकडाउन में कोई भी जरूरतमंद भूखा पेट ना सोए इसलिए रोजाना उन परिवारों को चिन्हित कर खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है जिन्हें इसकी आवश्यकता है। ज्यादातर जरूरतमंद गरीब परिवार और दिहाडीदार मजदूर हैं जिनकी निरंतर सहायता कर उन्हें राशन पहुंचाया जा रहा है। लाकडाऊन में फंसे प्रवासी मजदूरों और गरीब लोगों के लिए जमीनी स्तर पर खाने-पीने का इंतजाम अपने निजी स्तर पर किया जा रहा है जिसमें दानी सज्जनों का भी सहयोग मिल रहा है। वही लोगों को कोरोना बायरस से बचाव के लिए सेनिटाईज का इस्तेमाल करने, बार बार हाथ धोने और मास्क पहनने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।