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जम्मू कश्मीर: कुलगाम में फिर टारगेट किलिंग, घर के बाहर गोलियां बरसा कश्मीरी हिंदू की आतंकियों ने की हत्या  

Wed, 13 Apr 2022 08:12 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कुलगाम

सार

आतंकियों ने घर के बाहर बैठे सतीश कुमार सिंह को निशाना बनाकर गोलियां बरसा दीं। गोली चलने की आवाज सुनते ही घर पर सुरक्षा के लिए तैनात दो पुलिसकर्मी बाहर निकले तो सतीश को खून से लथपथ होकर गिरा पाया। उसे सिर पर एक और सीने में दो गोलियां लगी थीं।
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सुरक्षाबल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में बुधवार की शाम आतंकियों ने घर के बाहर अंधाधुंध गोलियां बरसार कर कश्मीरी हिंदू परिवार के एक व्यक्ति की हत्या कर दी। मारे गए व्यक्ति के घर पर दो पुलिसकर्मी भी सुरक्षा के लिए तैनात थे। हमले में लश्कर-ए-ताइबा के नए आतंकी का हाथ बताया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया लेकिन आतंकियों का कहीं सुराग नहीं लगा।

सिर पर एक और सीने में दो गोलियां लगी थीं

पुलिस ने बताया कि जिले के काकरान गांव में बुधवार की शाम लगभग साढ़े सात बजे आतंकी पहुंचे। उन्होंने घर के बाहर बैठे सतीश कुमार सिंह को निशाना बनाकर गोलियां बरसा दीं। गोली चलने की आवाज सुनते ही घर पर सुरक्षा के लिए तैनात दो पुलिसकर्मी बाहर निकले तो सतीश को खून से लथपथ होकर गिरा पाया। उसे सिर पर एक और सीने में दो गोलियां लगी थीं।

सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली 

परिवार के लोगों ने सतीश को पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे श्रीनगर रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी हासिल की।

आसपास के लोगों से पूछताछ कर कई स्थानों पर दबिश

पुलिस ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ कर कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही हमलावरों को ढूंढ निकाला जाएगा। ज्ञात हो कि कुलगाम व शोपियां इलाके में राजपूत परिवार के लोग रहते हैं जिन्होंने आतंकवाद के दौर में भी घाटी नहीं छोड़ी। यह परिवार सेब के कारोबार से जुड़े हुए हैं।

गैर कश्मीरियों व नागरिकों पर हमले की इस महीने पांचवीं घटना

आतंकियों की ओर से दक्षिण कश्मीर में गैर कश्मीरी मजदूरों तथा आम नागरिकों पर इस महीने हमले की यह पांचवीं घटना है। इसमें अब तक सात लोगों को निशाना बनाया जा चुका है। इससे पहले तीन अप्रैल को पुलवामा के लिट्टर इलाके में पोल्ट्री वाहन के पठानकोट निवासी चालक-खलासी, पुलवामा के लोजूरा में तीन अप्रैल को बिहार निवासी दो मजदूर, तीन अप्रैल को ही शोपियां के छोटीगाम में कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी बाल कृष्ण, सात अप्रैल को पुलवामा के याडर में पठानकोट निवासी एक मजदूर को आतंकियों ने गोली मारकर घायल कर दिया। 13 अप्रैल को राजपूत परिवार के एक व्यक्ति की आतंकियों ने हत्या कर दी। 

हमले से राजपूत समाज में आक्रोश

हमले से राजपूत समाज में आक्रोश है। उनका कहना है कि समाज ने आतंकवाद के दौर में भी घाटी नहीं छोड़ी। वह हमेशा आतंकवाद का सामना करते रहे। भाजपा सामाजिक व धार्मिक प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी व श्री अमर क्षत्रिय राजपूत सभा के पूर्व अध्यक्ष कुंवर नारायण सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि समाज के लोग इस प्रकार के हमलों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आतंकियों तथा उन्हें पनाह देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ताकि घाटी में रह रहे अल्पसंख्यकों में सुरक्षा की भावना जग सके।  

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: एलजी

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कुलगाम में नागरिक सतेश कुमार पर हुए आतंकी हमले की निंदा की है। इस घिनौनी हरकत के लिए दोषी आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दुख की घड़ी में संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।

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