हंदवाड़ा हत्याकांड में शनिवार को उस समय एक नया मोड़ आ गया जब कथित रूप से छेड़छाड़ की पीडि़त लड़की की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसकी बेटी और पति को पुलिस ने जबरन हिरासत में रखा है। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए 20 अप्रैल को सुनवाई के लिए तिथि तय किया है।
कश्मीर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट परवेज इमरोज की ओर से लड़की की मां की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। एडवोकेट परवेज ने बताया कि दायर याचिका में महिला ने कहा है कि उसकी बेटी से जबरदस्ती बयान दर्ज करवाया गया। जब उसके पति और उसकी बहन उससे मिलने गए तो उन्हें भी वहां बंद रखा गया।
इसके अलावा वीडियो वायरल होने के बाद उनकी सुरक्षा का मामला भी है। याचिका को स्वीकारते हुए कोर्ट द्वारा पूछा गया कि किस कानून के तहत इन तीनों को पुलिस द्वारा हिरासत में रखा गया है। साथ ही पुलिस को निर्देशित किया गया है कि लड़की का दोबारा किसी के सामने बयान न दिलवाया जाए। कोर्ट ने 20 अप्रैल को चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाने को कहा है।
इससे पहले शनिवार को लड़की की मां ने सिविल सोसाइटी से संपर्क कर प्रेस कांफ्रेंस करना चाहा लेकिन पुलिस ने रोक दिया। लड़की की मां का यह भी आरोप है कि उसे पिछले 4 दिनों से अपनी बेटी और पति से मिलने नहीं दिया जा रहा हैै। ज्ञात हो कि घटना वाले दिन पीडि़त लड़की के बयान वाले वायरल हुए वीडियो में छेड़छाड़ की घटना से इनकार करते हुए दिखाया गया था।