लद्दाख में एक बार फिर बढ़ता तापमान मानवता के लिए खतरा बना दिख रहा है। मौसम विभाग ने कहा है कि लद्दाख क्षेत्र में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इसके पीछे वजह ग्लोबल वर्मिंग है। लोकप्रिय मौसम वैज्ञानिक और आईएमडी के निदेशक सोनम लोटस ने बढ़ते तापमान को लेकर चिंता जताई है।
उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि तापमान में तेज वृद्धि वास्तव में चिंता का विषय है। ग्लेशियर हमारे प्राकृतिक संसाधन हैं। जो बहुत मूल्यवान हैं। हमें ग्लेशियर से पानी मिलता है, इसलिए यदि तापमान इस तरह बढ़ता है। तो चिंता का विषय होता है। आगे कहा कि जब लद्दाख का 30 डिग्री मैदानी इलाकों के 40 डिग्री के बराबर है तो तीव्र गर्मी बर्फ के पिंडों को तेजी से पिघलाएगी।
मौसम निदेशक सोनम लोटस ने आगे कहा कि लद्दाख एक ठंडा रेगिस्तानी है। इसका मतलब यह नहीं है कि यहां हमेशा ठंड रहती है। आगे कहा कि दिसंबर-जनवरी में सर्दियों के दौरान यहां ठंड होती है, जब लेह में तापमान माइनस 20 या 25 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। यहां गर्मियों का अनुभव करना कोई नई बात नहीं है।