अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के विरोध में नेकां कार्यकर्ताओं ने बाजुओं पर काली पट्टियां बांधकर रेजीडेंसी रोड पर डेढ़ घंटे धरना देकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। पार्टी नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सभी से एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है, वह सिर्फ आतंकवाद है और आतंकवाद को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए। धरने में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं। प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि यात्रियों पर आतंकी हमले की पार्टी कड़ी भर्त्सना करती है। अमरनाथ यात्रा कश्मीरियत की निशानी रही है, लेकिन आतंकियों ने निर्दोष यात्रियों पर गोलियां बरसाकर साबित कर दिया है कि वह कश्मीरियत के नाम पर सिर्फ स्वार्थ सेंक रहे हैं। उन्हें मुसलिम और कश्मीरी हितों से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन आतंकवादी कश्मीरी मूल्यों को तोड़ने में कामयाब नहीं हो सकते हैं। देश विरोधी ताकतें राज्य में सांप्रदायिक सौहार्र्द बिगाड़ने की हमेशा कोशिशें करती रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की गठबंधन सरकार को सुरक्षा खामियों को ढूंढकर आगामी अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने पर काम करना चाहिए। इस दौरान अनंतनाग में आतंकी हमले में मारे गए यात्रियों की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। धरने में पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया, अजय कुमार सडोत्रा, सतवंत कौर डोगरा, पीर मुश्ताक अहमद बुखारी, रतन लाल गुप्ता, ठाकुर रशपाल सिंह, बाबू राम पाल, ठाकुर कश्मीरा सिंह, शेख बशीर अहमद, बृजमोहन शर्मा, सतपाल लखोत्रा आदि शामिल रहे।