अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में भी सुरक्षाबलों के जवानो के लिए योग दिवस समारोह का आयोजन किया गया। 1000 से अधिक जवानो ने इस शिविर में लिया भाग। जवानो के अनुसार मानसिक और शारीरिक तनाव को दूर करने के लिए योग लाभदायक। श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में घर से दूर कठिन परिस्थितों में अपनी ड्यूटि को अंजाम दे रहे जवान हमेशा मानसिक और शारीरिक तनाव से जूजते रहते हैं और इस्स सबसे राहत पाने के लिए योग काफी सहायक है। और इसी के चलते जहां पूरे विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया वहीं श्रीनगर के हुमहामा में स्थित सीआरपीएफ़ मु यालय में भी योग शिविर लगाया गया था जिसमें करीब 1000 से अधिक जवानो ने भाग लिया सीआरपीएफ़ प्रवक्ता राजेश यादव ने बताया कि इस बार गृह मंत्रालय द्वारा सेंट्रल आर्मड पर्सनल फोर्सेस (सीएपीएफ़) को राजधानियों में योग शिविर लगाने के निर्देश प्राप्त हुए थे जिसके चलते इसका जिमा सीआरपीएफ़ को दिया गया था। उन्होने बताया कि इसकी के चलते आरटीसी हुमहामा में भी एक विशाल शिविर लगाया गया था जिसमें विभिन सुरक्षाबलों के 1100 जवानो ने भाग लिया। यादव ने बताया कि इस शिविर में सीआरपीएफ़ के 725, बीएसएफ़ के 200, एसएसबी के 75, आईटीबीपी के 75 और सीआईएसएफ़ के 25 जवानो ने भाग लिया।उन्होने बताया कि इस अवसर पर मु य अतिथि सीआरपीएफ़ के आईजी रविदीप सिंह साही थे जिनहोने जवानो को योगा के लाभ बताए और उन्हे इसकी एहमियत से रोबरू कराया। यादव के अनुसार जवानो को यह भी बताया गया कि किस तरह से योग तन और मन को स्वस्थ रखने में सहायक सिद्ध होता है गौरतलब है कि इस अवसर पर प्रशिक्षित प्रशिक्षक भी मौजूद रहे जिनहोने विभिन्न योग मुद्राओं को करते हुए उनके बारे में जानकारी भी दी। इसके इलवा घाटी में लगभग सभी सीआरपीएफ़ उनिट्स में योग शिविर लगाए गए थे। वहीं इसमें भाग लेने वाले जवानो ने इसे काफी लाभदायक बताया। जवानो के अनुसार जिस तारक के हालातों का उन्हे रोज़ सामना करना पड़ता है उससे उनका ऽस्ट्रैस लेवेलऽ (तनाव) काफी बढ़ता है और ऐसे में योग कर वह अपने मानसिक और शारीरिक संतुलन को समानय बनाए रख सकते हैं। उन्होने कहा कि योग हर एक व्यक्ति को रोज़ सुबह ऊतकर करना चाहिए और उन्होने यह भी कहा कि ऐसी शिविरों का आयोजन समय समय पर होना चाहिए क्यूंकि प्रशिक्षित प्रशिक्षक से योग के बारे में अधिक जानकारी हासिल होती है।