राजोरी। जिले के कालाकोट शिक्षा जोन के अंतर्गत पड़ने वाले कई सरकारी स्कूलों का औचक दौरा करने पर सीईओ ने शिक्षकों द्वारा अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने और लापरवाही करने के चलते दो शिक्षकों को सस्पेंड करने के साथ साथ अन्य कई शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी है। सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसैन के अनुसार सीईओ राजोरी प्रिंसिपल हायर सेंकेंड़री स्कूल कालाकोट जेडईपीओ कालाकोट मोहम्मद कासिम ने सरकारी मिडल सलयार चट्टा का दौरा किया तो पाया कि स्कूल में काम काज बेहतर तरीके से किया जा रहा है। वहीं सीईओ की टीम जब मिडल स्कूल सीला पहुंची तो पाया कि स्कूल में पढ़ाई का स्तर बहुत निराशा जनक है। बच्चों को सही प्रकार से पढ़ाई नहीं करवाई जा रही है। सीईओ ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए स्कूल के सारे स्टाफ के वेतन पर रोक लगा दी। वहीं, टीम ने सरकारी हाई स्कूल तत्ता पानी का दौरा किया तो पाया कि एक शिक्षिका मलिका खातून ने दो केजुअल लीव ले रखी हैं। लेकिन सर्विस रिकार्ड में कोई इंट्री नहीं की गई थी। परीक्षा के परिणामों की जांच की तो पाया कि चार शिक्षकों का परिणाम संतोष जनक नहीं है। कार्रवाई करते हुए सीईओ ने हैडमास्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। वहीं, सरकारी हाई स्कूल भरोह का दौरा किया तो पाया कि एक शिक्षक विशाल सिंह स्कूल से गैर हाजिर हैं। टीचर डायरी मैनटेन नहीं की गई। बच्चों की पढ़ाई भी नाम मात्र ही थी। वहीं सीईओ ने कार्रवाई करते हुए गैर हाजिर शिक्षक विशाल को तत्काल निलंबित कर अन्य सभी शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी। वहीं, सरकारी मिडल स्कूल ढंगीओट का दौरा करने में भी सब कुछ निराशाजनक ही हो पाया। सभी शिक्षकों के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। वहीं, सीईओ की टीम जब सरकारी मिडल स्कूल मगंरीओट पहुंची तो पाया कि एक शिक्षक संजीव कुमार को बिना अनुमति के गैर हाजिर पाया गया। मामेल का कड़ा संज्ञान लेते हुए सीईओ ने गैर हाजिर संजीव को सस्पेंड कर दिया। स्कूल में पढ़ाई में शिक्षकों द्वारा लापरवाही बरतने पर सभी शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी है।