पुंछ। पाक सेना चौबीस घंटे से इंकार कर रही है कि भारतीय सेना ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के उस पार रखचिखड़ी क्षेत्र में घुस कर किसी भी कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया। इस झूठ को बेनकाब किया है पाक अधिकृत क्षेत्र और पाकिस्तान में छपने वाले कई समाचार पत्रों ने। उसमें रखचिखड़ी क्षेत्र में भारतीय सेना की कार्रवाई के समाचार छापे गए हैं। बल्कि इस बात का भी खुलासा किया है कि छह सितंबर 2017 के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी के बदले में उस पार कई सटीक जवाबी कार्रवाईयों को अंजाम दिया है। इसमें पाक सेना और आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि उस पार के समाचार पत्रों ने भारतीय सेना की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इस बात का भी आरोप लगाने का प्रयास किया है कि भारतीय सेना युद्धविराम का उल्लंघन करती आ रही है। समाचार पत्रों में पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के उस पार रखचिखड़ी, चिडीकोट सहित कई स्थानों के बारे में जिक्र किया है जहां पर भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाक सेना को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसे अपनी बंदूकें शांत करने पर मजबूर किया है। रखचिखड़ी को लेकर छपी खबरों में इस बात का दावा किया गया है कि यहां पर भारतीय सेना की कार्रवाई में पाक सेना के तीन जवान मारे गए जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है। मरने वालों में शामिल एक बलूचिस्तान निवासी जवान की प्रशंसा समाचार पत्रों की लाल स्याही से से हैडलाइन बनाते हुए कुछ इस प्रकार लिखा गया है कि एक ओर जवान मादरे वतन पर कुर्बान हो गया है। दो जवानों को रावलपिंड़ी निवासी बताया गया है। इसके अलावा पाक समाचार पत्रों में मारे गए जवानों के फोटो भी छापे गए हैं। जो पाकिस्तानी सेना के उस झूठ से पर्दा हटाने का काम कर रहे हैं जिसमें पाक सेना द्वारा पहली भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक की ही तरह इस दूसरी को भी झुठलाने का प्रयास किया गया।