आरएस पुरा/हीरानगर। सीमांत ग्रामीणों की समस्याओं जानने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की टीम ने शुक्रवार को बार्डर तथा बार्डर से सटे गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पाक गोलाबारी का दर्द बताते हुए सुरक्षित स्थानों पर पांच-पांच मरले जमीन देने तथा प्रत्येक घर में बंकर बनाने की मांग रखी। शाम को टीम हीरानगर सेक्टर के गुज्जरे चक में भी गई। ज्ञात हो कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले दिनों जम्मू दौरे के दौरान सीमांत ग्रामीणों की समस्याएं जानने के लिए अध्ययन ग्रुप गठित करने की घोषणा की थी। टीम में शामिल गृह मंत्रालय की आंतरिक सुरक्षा की विशेष सचिव रीना मित्रा, संयुक्त सचिव ज्ञानेश्वर कुमार, निदेशकआरके स्वर्णकार आदि सबसे पहले सुचेतगढ की ऑक्ट्राय पोस्ट पर पहुंचे और बीएसएफ के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। बाद में सीमांत गांव सत्तोवाली, फलोरा में सीमांत ग्रामीणाें की दिक्कतों के बारे में जाना। गांव फलोरा के ग्रामीणों ने पांच-पांच मरले का सुरक्षित स्थानों पर प्लाट देने और हर घर में पक्के बंकरों बनाने के साथ सीमांत गांव के रहने वाले युवाओं की सेना व पुलिस में भर्ती करने की मांग की। ग्रामीणाें ने कहा कि जब भी पाक गोलाबारी करता है, उन्हें अपने घर को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। एलओसी की तरह अंतरराष्ट्रीय सीमा से पांच किलोमीटर क्षेत्र के अधीन आने वाले इलाकों को असुरक्षित क्षेत्र घोषित करने, सीमांत क्षेत्र में खेतीबाड़ी करने पर विशेष छूट देने व किसानों की तारबंदी में आई भूमि की बकाया राहत राशि मुहैया करवाने को कहा। आंतरिक सुरक्षा की विशेष सचिव ने पत्रकाराें को बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर दो दिवसीय दौरे के दौरान सीमांत क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति देखने के साथ लोगों की दिक्कतों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी। इस दौरान राज्य के प्रमुख सचिव गृह आरके गोयल, मंडलायुक्त मंदीपभंडारी, जिलाधीश जम्मू राजीव रंजन, एसडीएम आरएस पुरा नरेश शर्मा, आदि मौजूद थे।