सुसाइड सिटी के नाम से बदनाम कोटा शहर में नशे का कारोबार भी खूब फल-फूल रहा है। लेकिन शुक्रवार को हुई एक घटना ने यहां के जिला प्रशासन को सकते में ला दिया। जब राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी स्वयं यहां की एक कच्ची बस्ती में गांजा लेने पहुंच गई।
दरअसल हुआ यूं कि मनन चतुर्वेदी कोटा दौरे पर आयी थी। जब वह शुक्रवार शाम को वापस जयपुर लौट रही थी तो एक नाबालिग को नशा करते देखा। जब चतुर्वेदी ने उस बच्चें से पूछताछ कि तो उसने बताया कि वह पास की कच्ची बस्ती से गांजा लाता है। गांजा लेने का कारण उस बच्चे ने बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड छोड़ गई है, इसलिए वह नशे का आदि हो गया है। इस जानकारी के बाद मनन चतुर्वेदी खुद नजदीक ही घोड़ा सर्किल स्थित कच्ची बस्ती पहुंच गईं। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई।
मनन चतुर्वेदी के साथ गए काफिले को देखनकर वहां खुले में गांजा बेच रहे लोग फरार हो गए। इसके बाद अध्यक्ष चतुर्वेदी ने मौके पर ही पुलिस अधिकारियों को बुलाया और उनसे कहा कि क्या आपको दिखता नहीं है कि यहां खुले की नशे का कारोबार हो रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का जवाब था कि पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती है।