फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुपोषण नापने के लिए किन केन्द्रों में हो रहा है एमयूएसी टेप का उपयोग-हाईकोर्ट

Thu, 08 Feb 2018 07:36 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
डेमो इमेज
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि बच्चों में कुपोषण नापने के लिए किन-किन स्वास्थ्य उपकेन्द्रों और आगंनबाड़ी में एमयूएसी टेप काम में लिया जा रहा है। अदालत ने शपथ पत्र पेश करने के लिए राज्य सरकार को 12 मार्च का समय दिया है।
विज्ञापन


न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता महेश शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से पूछा कि प्रदेश में बच्चों की जनसंख्या कितनी है और उनमें कितने प्रतिशत बच्चों को कुपोषण है? सरकारी अधिवक्ता के जवाब नहीं देने पर अदालत ने बताया कि प्रदेश में करीब चालीस फीसदी जनसंख्या बच्चों की है। इनमें से करीब 28 फीसदी बच्चे कुपोषण का शिकार हैं।

अदालत ने यह भी बताया कि देशभर में कुपोषित बच्चों के मामले में प्रदेश पहले स्थान पर है। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि यूनिसेफ ने छह माह से पांच साल तक के बच्चों के पोषण की जांच के लिए एमयूएसी टेप की अनुशंषा की है। इस उपकरण को बच्चे की बांह पर बांधकर पोषण की जांच की जाती है, लेकिन राज्य के किसी भी अस्पताल में यह उपकरण ही उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन


इस पर अदालत ने राज्य सरकार को शपथ पत्र पेश कर जानकारी देने को कहा है कि कुपोषण नापने के लिए किन केन्द्रों में एमयूएसी टेप का उपयोग हो रहा है।
विज्ञापन

ये भी अदालत में सामने आया

याचिका में कहा गया कि शहर की कच्ची बस्तियों खासकर कलाकार कॉलोनी में कुपोषण के चलते नवजात शिशुओं की मौत हो रही है। गर्भवती को पूरा पोषण नहीं मिलने के कारण यहां बच्चे अविकसित पैदा हो रहे हैं।

तय मानकों के अनुसार एक हजार की आबादी पर एक आगंनबाड़ी कार्यकर्ता और एक आशा सहयोगिनी होनी चाहिए। इनका काम गर्भवती महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से रोकना होता है, लेकिन राज्य सरकार ने इनके पद ही स्वीकृत नहीं कर रखे हैं।

याचिका में यह भी गुहार की गई है कि समेकित बाल विकास योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनी की नियुक्ति के साथ-साथ हर अस्पताल में एमयूएसी टेप की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें