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महिला सांसद की अनूठी पहल, बेटी को घोड़ी पर बैठा कर दिया बड़ा संदेश

Mon, 29 Jan 2018 01:35 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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बिंदौरी में गार्गी - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा की एक महिला सांसद ने बड़ी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी बेटी को घोड़ी पर बैठा कर बेटे-बेटी में फर्क नहीं करने का संदेश दिया है। 
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राजस्थान की एकमात्र और झुंझुनू से सांसद संतोष अहलावत की बेटी गार्गी की शादी छह फरवरी को है। कल रात गार्गी की बिदौरी निकाली गई। इस दौरान गार्गी को घोड़ी पर बैठा कर सूरजगढ़ कस्बे में घुमाया गया। अहलावत के मुताबिक उन्होंने यह कदम बेटे-बेटी में भेद को मिटाने का संदेश देने के लिए उठाया है। दरअसल, बिंदौरी बेटे की निकालने की परंपरा है। 

सांसद संतोष अहलावत की बेटी गार्गी को दूल्हे की तरह सजाया गया और फिर घोड़ी पर बैठा कर बिंदौरी निकाली गई। बिंदौरी जिला परिषद सदस्य राजेश अहलावत के चिड़ावा रोड आवास से रवाना हुई और सांसद अहलावत के घर पहुंची। इस दौरान परिजनों ने डीजे पर जमकर डांस किया। 
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सांसद ने कहा, घर से की है मुहिम शुरू

wedding night
बिंदौरी के दौरान रास्ते में सांसद संतोष अहलावत ने पुत्रवधु दीक्षा अहलावत, भाभी मंजू काजला व परिवार और आस-पड़ोस की अन्य महिलाओं के साथ डीजे पर जमकर ठुमके लगाए। 


गार्गी का इस बारे में कहना है कि उन्होंने ब्रिटेन से एमबीए किया है। गार्गी के अनुसार, परिवार में भाइयों व उनके बीच में कभी फर्क नहीं किया गया। बिंदौरी से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है। वहीं सांसद संतोष अहलावत ने कहा कि बेटी चाहती थीं कि मैं सांसद रहते हुए बेटा—बेटी की बराबरी के लिए मुहिम शुरू करूं, मैंने उसकी शुरुआत अपने ही घर से की है।
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