राजस्थान के बूंदी में टाइगर हिल स्थित मानधाता छतरी को लेकर 20 दिन से चल रहा विवाद रविवार को यहां बालाजी दर्शन के साथ खत्म हो गया।
मानधाता छतरी में विवादित शिलाखंड की पूजा को लेकर विवाद यूं तो कई महीनों से चल रहा था, लेकिन एक जनवरी को यहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य कई संगठनों ने यहां पूजा की घोषणा की थी। प्रशासन ने उन्हें रोका तो स्थिति बिगड़ गई और बूंदी समेत हाड़ौती बंद रहा। आगजनी और पत्थरबाजी भी हुई।
प्रशासन की रोक के निर्देश के बाद टाइगर हिल स्थित मानधाता छतरी पर बालाजी की पूजन के लिए अड़े हिन्दू संगठनों में सहमति बनी। इसके बाद यहा पूजा कार्यक्रम हुआ। पूजन के बाद हमेशा के लिए रोजाना सुबह 10 से 3 बजे तक लोग दर्शन कर सकेंगे। शहर में कोई विवाद न हो इसके लिए पुलिस प्रसाशन भी मुस्तैद रहा।
जैतसागर झील किनारे स्थित टाइगर हिल पर जाने वाला रास्ता रविवार को सुबह 10 बजे खोला गया। रास्ता दोपहर बाद 3 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। इस दौरान पर्यटक व अन्य दर्शक पैदल रास्ते से जा सकेंगे। इस रास्ते से जाने से पहले सभी को अपनी पहचान का दस्तावेज दिखाना होगा। चौपहिया व दुपहिया वाहन नहीं ले जा सकेंगे।