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पत्नी की डेडबॉडी लेकर दो घंटे तक श्मशान में बैठा रहा ये दिव्यांग, आखिर क्यों

Mon, 06 Nov 2017 06:25 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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विलाप करता दिव्यांग - फोटो : amar ujala
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वह अपनी का पत्नी का अंतिम संस्कार करने में लाचार था और करीब दो घंटे तक उसका शव लेकर श्मशान में बैठा रहा। 
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मामला राजस्थान के कोटा जिले से जुड़ा है। यहां आज एक दिव्यांग पति को पैसों की लाचारी ने इतना मजबूर कर दिया कि वह दो घंटे तक अपनी पत्नी के शव के साथ किशोरपुरा मुक्तिधाम में ही रोता बिलखता रहा। पैरों से लाचार मनोज नाम का यह शख्स यहां पत्नी कांता देवी के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मदद के हाथ पसारता हुआ इधर-उधर भटका भी, लेकिन कोई भी मददगार उसे नहीं मिला। ऐसे हालात में वह पत्नी के दुख में डूबा आंखों से दर्द छलकाता रहा।

करीब दो घंटे बाद यहां मुक्तिधाम में एक लावारिस शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कर्मयोगी सेवा संस्था के सदस्य पहुंचे। जब उन्होंने वहां मनोज को रोता हुआ देखा तो उसकी पीड़ा सुनीं। इसके बाद जाकर संस्था ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए लकड़ी सहित क्रियाक्रम की पूरी सामग्री का इंतजाम करवाया। तब विधि विधान से कांता देवी का अंतिम संस्कार हुआ।
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इस कारण हो गई पत्नी की मौत

दिव्यांग
किशोरपुरा मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह में निशुल्क अंतिम संस्कार की व्यवस्था है, लेकिन वो पिछले 18 दिन से खराब है।

इस कारण दिव्यांग अपनी पत्नी के शव का अंतिम संस्कार निशुल्क नहीं कर पाया। दिव्यांग मनोज की पत्नी कांता देवी को हार्ट की बीमारी थी जिसके सही उपचार के कारण उसकी मौत हो गई। किसी ने उसकी पत्नी को मदद करते हुए न्यू मेडिकल काॅलेज अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। मौत होने के बाद अस्पताल की एम्बुलेंस शव को मुक्तिधाम तक पहुंचा गई, लेकिन उसके बाद क्रियाक्रम के लिए मनोज के पास पैसा ही नहीं बचा।
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