राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में मृतकों की आत्माएं भटक रही हैं और लोग इन्हें वहां से ले जाने के लिए तरह-तरह के जतन करते है। इससे मरीजों की जान पर बन आती है, लेकिन जिम्मेदार इस अंधविश्वास को रोकने की बजाय आंखें मूंद बैठे हैं। ताजा मामला कोटा के एमबीएस अस्पताल का है।
दरअसल,प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास है कि किसी शख्स की मौत यदि अस्पताल में हो जाए तो उसकी आत्मा वहीं भटकती रहती है। इससे घर में अशांति का माहौल रहता है और वे सुख-चैन से नहीं रह पाते।
इस अंधविश्वास के चलते कोटा के सरकारी अस्पताल में आज सुबह कुछ लोग आईसीयू तक पहुंच गए। उन्होंने वहां आत्मा को बुलाने के लिए पूजा-पाठ की और इस दौरान वहां भर्ती मरीजों की जान को जोखिम में डालते हुए दीपक जलाया।
यह टोना-टोटका सांवर गांव के परिवार के लोगों ने किया। इससे डरे मरीज और उनके परिजन घबरा गए और बाहर जाने लगे। बड़ी बात यह रही कि शिकायत के बाद भी अस्पतला प्रशासन इस मामले में आंखें मूंदे रहा। उलटा ये कहकर पल्ला झाड़ दिया कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है।