प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि टीम ने प्रदेश भर में 18 नमूने दूध, 34 दूध से बने खाद्य पदार्थ व मिठाइयों, 6 नमूने अन्य मिठाइयों, 32 नमूने घी व तेल तथा 36 नमूने अन्य खाद्य पदार्थों के लिए गए। इनमें से भारी मात्रा में मिलावट मिली खाद्य सामग्री को जब्त किया गया है। राजस्थान में 31 जनवरी तक यह अभियान चलेगा।
राजस्थान सरकार ने खाद्य में मिलावट को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से छापेमार कार्रवाई करने को कहा है। शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के पहले दिन चिकित्सा विभाग की टीमों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश भर में 117 स्थानों पर छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी और सिंथेटिक सामान भी जब्त किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। विभाग ने 126 सैंपल लेकर जांच के लिए लैंब में भेजे हैं। इस दौरान कुछ कंपनियों को सील भी किया गया है।
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चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि चिकित्सा विभाग सहित 6 विभागों की टीम ने बीकानेर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1763 किलो वनस्पति तेल को जब्त किया। बीकानेर के इंडस्ट्री एरिया में हुई कार्रवाई में न केवल तोल में कमी पाई गई बल्कि पैक्टों पर एक्सपाइरी डेट नहीं लिखी थी। साथ ही अन्य ब्रांडेड पैकेटों में मिलावटी घी और तेल भी पैक किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद फर्म को सील कर दिया गया।
बड़ी मात्रा में मिलावटी पाउडर नष्ट
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि टीम ने प्रदेश भर में 18 नमूने दूध, 34 दूध से बने खाद्य पदार्थ व मिठाइयों, 6 नमूने अन्य मिठाइयों, 32 नमूने घी व तेल तथा 36 नमूने अन्य खाद्य पदार्थों के लिए गए। इनमें से भारी मात्रा में मिलावट मिली खाद्य सामग्री को जब्त किया गया है। गालरिया ने बताया कि चिकित्सा विभाग की टीम ने जयपुर प्रथम में 450 किलोग्राम धनिया पाउडर व 650 किलोग्राम मिलावटी मिर्च पाउडर जप्त किया गया। उन्होंने बताया कि राजसमंद में 60 किलो सॉस, 33 किलो रेड चेरी, 1 किलो फूड कलर, 15 किलोग्राम मसाला पाउडर व सीकर में 5 लीटर आइसक्रीम, 10 पैकेट पोस्ट व मिलावटी पाउडर नष्ट किया गया।
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मिलावट के खिलाफ सरकार सख्त
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप प्रदेश भर में 1 जनवरी से 31 मार्च तक शुद्ध के लिए युद्ध अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। ताकि आमजन को मिलावट रहित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सके।