राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि देश में जाति व्यवस्था के कारण एकता और अखंडता को काफी क्षति पहुंच रही है, जिसे कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व खत्म ही नहीं करना चाहते हैं। संघ जाति व्यवस्था के खिलाफ है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा भरतपुर शहर में चल रहे द्वितिय अभ्यास वर्ग के तीसरे दिन शनिवार को भागवत का उद्बोधन हुआ। संघ प्रमुख भागवत ने शिक्षार्थीयों को भारतीय संस्कृति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी पौराणिक व्यवस्थाओं का पाठ पढ़ाया। उन्होंने योग अपनाने का भी आह्वान किया। भागवत ने शिक्षार्थियों को ऋषि मुनियों के जीवन जीने के तरीकों से भी रुबरु कराया। भागवत ने शिक्षार्थियों से कहा कि आज के दौर में सभी को हमारे ऋषि मुनियों के जीवन जीने के तरीके से सीख लेनी चाहिए।
भरतपुर के केशव नगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में बृहस्पतिवार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभ्यास वर्ग शुरू हुआ है जिसका समापन 2 जून को होगा। भागवत रविवार तक भरतपुर में ही रुकेंगे।
गौरतलब है कि कार्यक्रम में गत बुधवार को भाग लेने आए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को एक समूह के लोगों द्वारा किए गए विरोध का सामना भी करना पड़ा था। यहां रेलवे स्टेशन के बाहर एमएसजे कॉलेज के प्रो.अरविन्द वर्मा के नेतृत्व में भागवत को काले झंडे दिखाए गए थे। इस दौरान वर्मा का कहना था कि आरएसएस अपनी विचारधारा देश पर थोपने का काम कर रहा है और वो इसका विरोध करते हैं।