राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 नवंबर 2016 के आदेश में संशोधन करते हुए हर लीज धारक को मिनरल्स के रवन्ना की साप्ताहिक रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने में देने की शर्त हो हटा दिया है।
न्यायाधीश पंकज भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश फैडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के संशोधन प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए दिए। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि राज्य सरकार नियम 2017 के तहत रवन्ना की नई स्कीम लागू कर चुकी है। इस संबंध में गत 13 नवंबर को एक पत्र भी जारी किया गया है। जिसके अनुसार अब लीज धारकों को रवन्ना की सूचना पुलिस थाने में देने की सूचना देने की शर्त अनिवार्य नहीं रही। इसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि अब ई-रवन्ना को अनिवार्य कर दिया गया है।
ऐसे में रवन्ना की साप्ताहिक आधार पर संबंधित थाने में सूचना देना जरूरी नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर पूर्व में दिए अपने आदेश को संशोधित करते हुए थाने में सूचना देने की शर्त को हटा लिया है।
गौरतलब है कि अदालत ने अवैध खनिजों के परिवहन में काम लिए जब्त वाहनों को छोड़ने के मामले में 28 नवंबर 2016 के आदेश से रवन्ना के दुरुपयोग को रोकने के लिए लीज धारकों पर इसकी सूचना संबंधित थाने में देने की शर्त लगाई थी।