फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम रहीम के डेरे से गायब हुई थी महिला, कोर्ट ने कहा - आश्रम जाकर करो जांच

Fri, 24 Nov 2017 07:41 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
राम रहीम
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट ने रामरहीम के डेरे से गायब होने वाली विवाहिता के मामले में लचर जांच करने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने पेश हुए जवाहर सर्किल थानाधिकारी को कहा कि यदि उनसे जांच नहीं हो रही है तो क्यों ना पुलिस कमिश्नर से जांच करा ली जाए।
विज्ञापन


इसके साथ ही अदालत ने आश्रम के पदाधिकारियों के बयान दर्ज करने और संबंधित व्यक्तियों की कॉल डिटेल की जांच कर 7 दिसंबर को जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की एकलपीठ ने यह आदेश कमलेश की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी जवाहर सर्किल एसएचओ अदालत में पेश हुए। उनकी ओर से कहा गया कि सह आरोपी डीपीएस दत्ता नाम का कोई व्यक्ति डेरे में नहीं मिला है। इसके साथ ही एसएचओ ने अब तक की गई जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की। रिपोर्ट को देखने के बाद अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या अब कोर्ट को सिखाना होना कि जांच कैसे करनी है। अदालत ने कहा कि यदि उनसे जांच नहीं हो रही तो पुलिस कमिश्नर से जांच करा लेते हैं। इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 7 दिसंबर तक टाल दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है पूरा मामला, जानिए

कमलेश ने कोर्ट में बताया था कि वो और उसकी पत्नी गुड्‌डी राम रहीम के सिरसा आश्रम में गए थे, जहां उसकी पत्नी को कैद कर लिया गया।

कमलेश ने आरोप लगाया था कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने उनकी अनुयायी पत्नी को बहला फुसलाकर गायब कर दिया है। वह डेरे पर बार-बार पत्नी को तलाशने गया, लेकिन उसे कोई नहीं मिलवा रहा। परिवादी कमलेश कुमार ने रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि पत्नी गुड्डी के कहने पर गत 24 मार्च 2015 को ट्रेन से सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा जाते समय एक सेवादार से मिला था।

डेरा में पहुंचने के बाद सेवादार 28 मार्च को उसकी पत्नी को दत्ता के बुलाने की बात कहकर ले गया। तब से उसकी पत्नी का पता नहीं चला।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें