संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म पद्मावती को रिलीज होने से पहले ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान के उदयपुर संभाग में स्थित चित्तौड़गढ़ जिले में आज कई निजी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया। गैर अनुदानित शिक्षण संस्था संचालक समिति के बैनर तले पद्मावती फिल्म के विरोध में ये बंद रखा गया है। संस्थान के सदस्यों का कहना है कि चित्तौड़गढ़ के गौरवशाली इतिहास के लिए पूरे विश्व में शक्ति, भक्ति एवं त्याग की धरा के रूप में जाना जाता है, उसी चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मिनी के चरित्र को फिल्म पद्मावती में गलत ढंग से दिखाया जा रहा है। इसके विरोध में आज चित्तौड़गढ़ के सामाजिक, धार्मिक संगठनों द्वारा बंद का आह्वान किया गया है।
वैष्णव (बैरागी) युवा संस्थान के जिला प्रवक्ता दुर्गाप्रसाद वैष्णव ने बताया की वैष्णव (बैरागी) समाज भी फिल्म का विरोध कर रहा है। वैष्णव (बैरागी) युवा संस्थान के जिला कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। इसमें यह तय किया गया कि वैष्णव (बैरागी) समाज फिल्म के विरोध में सर्वसमाज की ओर से 3 नवम्बर को चित्तौड़गढ़ बंद का पूर्ण समर्थन करता है। साथ ही, चित्तौड़गढ़ जिले में किसी भी सिनेमाघर में ना तो फिल्म लगने देंगे और ना ही कहीं पोस्टर-बैनर आदि लगने देंगे।