राजस्थान परिवहन निगम मंत्रालयिक और अधीनस्थ कर्मचारी संघ की ओर से रोडवेज कर्मचारियों ने जयपुर में परिवहन मार्ग मुख्यालय पर धरना दिया। इसमें मुख्य रूप से रोडवेज कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई गई, ताकि रोडवेज की सभी समस्याओं का स्थाई समाधान हो सके।
राजस्थान परिवहन निगम मंत्रालयिक और अधीनस्थ कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सर्वेश्वर कुमार शर्मा के नेतृत्व में यह धरना दिया गया। शर्मा ने धरने पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से कहा कि अगर आगामी बजट में रोडवेज कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाता है, तो ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के बाद यह राजस्थान सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम होगा। साथ ही जहां अन्य सरकारों की ओर से उद्योगों का निजीकरण किया जा रहा है और सरकारी उपक्रमों को बेचा जा रहा है, उसके विपरीत कांग्रेस सरकार रोडवेज कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की घोषणा करेगी, तो पूरे भारत में यह एक मील का पत्थर साबित होगा।
मंत्री खाचरियावास और बृजेन्द्र सिंह ओला ने दिया आश्वासन...
धरना स्थल पर पहुंचे खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन दिया गया। साथ ही परिवहन राज्य मंत्री बृजेंद्र सिंह ओला को उनके आवास पर प्रतिनिधि मंडल ने जाकर ज्ञापन दिया, जिस पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दोनों ही मंत्रियों ने दिया। राजस्थान रोडवेज के कर्मचारियों की लंबे समय से यह मांग चली आ रही है कि उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
राज्य उपक्रम होने के बावजूद रोडवेज कर्मचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा अब तक नहीं दिया गया है, जिसके चलते आए दिन उनके वेतन, भत्ते, पेंशन की समस्याएं आती रहती हैं। बार-बार धरने, प्रदर्शन और आंदोलन से हज़ारों रोडवेज कर्मचारी और उनके परिवार के लोग भी तंग आ चुके हैं। पिछली बीजेपी सरकार के समय भी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने रोडवेज कर्मियों के धरने में जाकर उनकी मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद आज तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया।