मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने बजट पेश करने के दौरान वादे व घोषणाएं तो की ही, साथ ही अपने जुमले भी जमकर कहे। उन्होंने अपनी बातों से विरोधियों पर निशाना साधा, वहीं दूसरी तरफ सरकार के इरादे भी साफ कर दिए।
- यह मंजिल बड़ी जिद्दी होती है, हासिल कहां नसीब से होती है, मगर वहां तूफान भी हार जाते हैं, जहां कश्तियां ज़िद पर होती है
- मैं किसी से बेहतर करुं तो क्या फर्क पड़ता है, मैं किसी के लिए बेहतर करुं तो फर्क पड़ता है
- हम न रुकेंगे न थकेंगे