राजस्थान हाईकोर्ट ने भरतपुर जिले के गोपालगढ़ कस्बे में साल 2011 में हुए सांप्रदायिक दंगा मामले में जेल में बंद आरोपी अब्दुल गनी को जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को भी खारिज कर दिया है।
न्यायाधीश सबीना की एकलपीठ ने यह आदेश अब्दुल गनी की ओर से दायर जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिए। अर्जी में कहा गया था कि उसपर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण में वह छह साल से जेल में बंद है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाए।
गौरतलब है कि 14 सितंबर 2011 को हुई इस घटना में दस लोगों की मौत हो गई थी और 45 लोग घायल हुए थे। घटना को लेकर तत्कालीन कामां विधायक जाहिदा खान और नगर विधायक अनितासिंह सहित कुल 64 लोगों को आरोपी बनाया गया है।