राजस्थान में करीब 7 दिनों तक चली डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से कहा है कि हड़ताल के दौरान मरे और प्रभावित मरीजों की क्षतिपूर्ति को लेकर संबंधित डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय की जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 27 नवम्बर तक जवाब तलब किया है और महाअधिवक्ता के जरिए एक शपथ पत्र भी मांगा है।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश सत्य प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता डॉ. कुसुम सांघी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये जवाब दिया है। याचिका में स्वास्थ विभाग की अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत डॉ.कुसुम सांघी ने हड़ताल से पहले विभाग में अपने वीआरएस के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद विभाग ने ये कहते हुए कि मरीजों के हित में अभी विभाग को उनकी जरूरत है उसे खारिज कर दिया।