ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) पर राजस्थान में एक बार फिर सियासत गर्मा गई है। हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर के राजस्थान में ओपीएस लागू नहीं होने के बयान पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया है। उन्होंने ठाकुर और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये लो बताएं कि ये कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने वाली ओपीएस के खिलाफ क्यों हैं?
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते दिनों बयान दिया था कि राजस्थान में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू नहीं है। अब इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया है। गहलोत ने कहा कि जयराम ठाकुर का बयाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें पता नहीं कि राजस्थान में ओपीएस लागू करने के बाद एक जनवरी 2004 के बाद नियुक्त होकर सेवानिवृत्त हुए 100 से अधिक कार्मिकों के पेंशन प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है।
सीएम गहलोत ने कहा कि जयराम ठाकुर को याद रखना चाहिए कि भाजपा ने ही इसे बदला था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की सरकार ने 1 जनवरी 2004 एवं इसके बाद नियुक्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी थी और इसके स्थान पर नवीन पेंशन योजना (एनपीएस) लागू की थी। सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई थी और उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी।
गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने कर्मचारी हितों एवं सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखकर 1 अप्रैल 2022 से राज्य में पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की है। इसके लिए पेंशन नियमों में परिवर्तन किया गया एवं 1 अप्रैल 2022 से NPS के लिए होने वाली कटौती समाप्त कर दी गई है। गहलोत ने सवाल खड़ा करते हुए पूछा है कि जयराम ठाकुर एवं भारतीय जनता पार्टी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए कि वो कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने वाली ओल्ड पेंशन स्कीम के खिलाफ क्यों हैं?