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Rajasthan: असम राज्यपाल बने कटारिया बोले- RSS ने देश के लिए काम करना सिखाया, व्यक्ति के लिए नहीं

Sun, 12 Feb 2023 01:56 PM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

असम का राज्यपाल बनने पर मीडिया से रूबरू गुलाबचंद कटारिया बोले- हम RSS से आए हैं। हमारे दिमाग में कोई धमाल नहीं चलता,केवल देश रहता है। मैं किसी व्यक्ति के लिए नहीं, देश के लिए सोचता हूं, वो संस्कार हमारे अंदर जिन्दा हैं। उसके आधार पर अपना काम करेंगे।
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असम राज्यपाल बने कटारिया बोले- हम RSS से आए हैं - फोटो : फाइल फोटो।
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया असम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पाने के बाद जयपुर में सरकारी निवास पर मीडिया से रूबरू हुए। कटारिया से पत्रकारों ने पूछा कि असम-मेघालय में आपसी घमासान चलता रहा है, वहां किस सोच से काम करेंगे।  सवाल पर कटारिया बोले-हमारे दिमाग में कोई धमाल नहीं रहता है। हमारे दिमाग में केवल देश रहता है। हम उस संगठन- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से आए हैं, जिसने हमेशा देश के लिए काम करना सिखाया है, किसी व्यक्ति के लिए नहीं। मैं सोचता हूं वो संस्कार हमारे अंदर जिन्दा हैं, हम उसके आधार पर अपना काम करेंगे। 

मुझे पीएम और पार्टी हाईकमान ने इस जिम्मेदारी के योग्य समझा

गुलाबचंद कटारिया ने राज्यपाल बनाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी में मुझ साधारण और छोटे से कार्यकर्ता को जो भी जिम्मेदारी दी, मैंने उसे बखूबी निभाने की कोशिश की है। मैंने कभी पद मांगा नहीं है। ये पार्टी का ही बड़प्पन है कि वो जो उचित समझती है,वो जिम्मेदारी देती है। मुझे पीएम और पार्टी हाईकमान ने इस जिम्मेदारी के योग्य समझा है। मैं उनकी आशाओं पर खरा उतरने के लिए जो भी प्रयत्न हो सकता है करूंगा, अब तक किया है आगे भी करूंगा।
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मैं आज भी अपने आप को एक कार्यकर्ता ही मानता हूं-कटारिया

कटारिया बोले- मुझे पार्टी ने कभी जो काम किया, मैंने किया। पहले एरिया में घूमकर पर्टी को खड़ा करने का काम किया। फिर प्रदेश में महामंत्री की जिम्मेदारी दी , उसे निभाया। प्रदेशाध्यक्ष पद का जिम्मा भी निभाया। मैं आज भी अपने आप को एक कार्यकर्ता ही मानता हूँ। देश के प्रधानमंत्री और हाईकमान ने मुझे इस लायक समझा कि मैं वहां (असम में) ये काम (राज्यपाल का) करूं, तो मैं पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम को अच्छे से अच्छे ढंग से पूरा करने की कोशिश करूंगा।

मेरे सूर्य अस्त और उदय का सवाल नहीं है

आपकी विरासत को कौन सम्भालेगा ? सवाल पर कटारिया बोले कि पार्टी में विरासत की जहां तक बात है, हमारे यहां भगवान की कृपा है कि हजारों कार्यकर्ताओं के आधार पर बनी हुई पार्टी है, एक नेता के आधार पर बनी हुई पार्टी नहीं है। मेरे सूर्य अस्त और उदय का सवाल नहीं है। पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता का आशीर्वाद है कि मुझ जैसे साधारण आदमी को भी वो पूरी मेहनत करके जिताते हैं । मैं जनता के आशीर्वाद से जीतता हूँ। ना तो मेरा कोई पारिवारिक बैकग्राउंड है, ना मैं कोई बहुत पैसे वाला या इंडस्ट्रियलिस्ट हूं। साधारण कार्यकर्ता हूँ। तो जिसने एक साधारण कार्यकर्ता को इतना बड़ा कार्यकर्ता बनाया है, कर्जा चुकाने के लिए मैं जितना जीवन में कर सकता हूं, उनके लिए करूंगा। उनके मन को भी हमेशा इस बात का ऐहसास कराऊंगा कि आपने जिसको पाल-पोसकर बड़ा किया है, उसने आपका मान और सम्मान आगे से आगे बढ़ाने का काम किया है।

मीडिया और राजस्थान वासी तय करें, मैं कितना सफल हुआ

कटारिया बोले - मैंने मेरी मेहनत करके, जो कुछ भी मैं कर सकता था, जितनी मेरी बुद्धि है और क्षमता है, वो करने का प्रयास किया है। ये निर्णय तो आप मीडिया और राजस्थान के वासी ही करें कि मैं उसमें कितना सफल हुआ या नहीं हुआ।

राजस्थान विधानसभा का सौभाग्य देश की बड़ी बड़ी डिग्निटी आईं

राजस्थान विधानसभा में राष्ट्रीय स्तर के बड़े सम्मेलन करवाए जाने पर कटारिया ने उसका श्रेय स्पीकर डॉ सीपी जोशी को दिया। कटारिया ने कहा जोशी ने इनोवेशंस किए हैं , अच्छे-अच्छे कार्यक्रम करके विधानसभा के सदस्यों को भी उससे जोड़ने का प्रयास किया है। राजस्थान विधानसभा का सौभाग्य है कि देश की बड़ी बड़ी डिग्निटी आकर विभिन्न कार्यक्रमों में शरीक हुईं, तो उसमें राजस्थान विधानसभा और राजस्थान का मान बढ़ा। उसमें एक सहयोगी हिस्सेदार हम भी थे, जितना कर सके, हमने भी किया।

भगवान एकलिंग नाथ मेवाड़ की गद्दी के मालिक

मेवाड़ की राजनीति से जुड़े सवाल पर कटारिया ने कहा- मेवाड़ का जो कुछ भी भविष्य है। भगवान एकलिंग नाथ को हमने इस गद्दी का मालिक बनाया है। दुनिया में ऐसा शायद कहीं पर भी नहीं होगा, कि वहां का राजपरिवार खुद मालिक नहीं होगा। लेकिन मेवाड़ में पता नहीं परिपाटी किसने शुरू की, कि हमने भगवान एकलिंग नाथ को ही राज सिंहासन पर बैठाया और काम करने वाले सभी एक तरह से उनके सहयोगी के रूप में रहे हैं। मेवाड़ ने ऐसा इतिहास रचा जिसकी शायद कल्पना भी कोई नहीं कर सकता। वहां का जानवर चेतक भी इतना बड़ा उत्सर्ग करके जाता है, जो वास्तव में दुनिया के लिए देखने लायक है। वहां के छोटे-छोटे व्यक्ति ने भी देश के लिए जीने और मरने का संकल्प लिया है। पन्ना धाय जैसी सामान्य सी महिला किस तरह का बलिदान करती है। भगवान एकलिंगनाथ की कृपा से मेवाड़ के हर आदमी को इसकी ताकत मिली, मैं भी उसी जगह का रहने वाला हूँ। निश्चित रूप से मैं मेवाड़ के मान और सम्मान को आगे बढ़ाने की कोशिश करूंगा, क्योंकि मुझ पर बहुत बड़ा कर्जा है। 

देश को ताकतवर बनाने के लिए जो प्रयत्न किए जा सकते हैं,करेंगे

राज्यपाल के रूप में कैसी पहचान बनाना चाहेंगे? सवाल पर कटारिया बोले कि मैं इस समय तो कुछ नहीं कह सकता , समय ही बताएगा, क्या कर सकता हूं क्या नहीं। लेकिन मैं अपनी तरफ से जितना अच्छे से अच्छा और ईमानदारी से कर सकता हूं, सबको साथ लेकर कर सकता हूं, वो करने की कोशिश करूंगा। 
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असम में नक्सलवाद है, लेकिन आप आरएसएस कार्यकर्ता होने के नाते वहां पर पहुंच जाएंगे- इस सवाल पर कटारिया बोले-इससे कोई फर्क नहीं पड़ा, हम पहले भी पहुंच जाते थे, जब कुछ भी नहीं थे, आज भी जाते हैं। निश्चित रूप से हम देश को ताकतवर बनाने के लिए जो-जो प्रयत्न किए जा सकते हैं, करेंगे। 
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