राजस्थान विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वो निराश न रहें और प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को लेकर गांव-गांव का दौरा करें। शाह बोले लोगों को सरकार के काम के बारे में पूरी जानकारी दें और उनसे एक बार फिर समर्थन मांगे।
इसके साथ ही शाह ने नाराज नेताओं को भी सलाह दी कि वो इस समय बाकी बातों को भूलकर एक बार फिर सरकार बनाने की तैयारियों में अपना योगदान दें। शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व की बेहद कमी है और यह बात जनता को भी मालूम होनी चाहिये। उन्होंने कहा वसुंधरा सरकार ने काफी काम किया है और इसकी जानकारी लोगों देनी है।
इस दौरान शाह ऐसी किसी भी बयानबाजी से बचते नजर आए जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। राजस्थान के चुनाव में जातियों के समीकरण को समझते हुए उन्होंने सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की बात कही।
अमित शाह की विधानसभा चुनाव के पहले की इस राजनीतिक यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां उन्होंने एक ओर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश की वहीं दूसरी ओर नाराज नेताओं को भी मनाने का प्रयास किया।
भारतीय जनता पार्टी की असली परेशानी की वजह राजपूत समेत वो वोट बैंक है जिसे उसका पारंपरिक वोट माना जाता रहा है। वहीं दूसरी ओर राजस्थान के कई दलित वर्ग भी पार्टी से नाराज चल रहे हैं।