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एक ही रात में बदल गई प्रदूषण की तस्वीर, हवा में घुला काला जहर

Sun, 22 Oct 2017 11:47 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिवाली पर पटाखों पर रोक लगाने के बाद उसका असर भी देखने को मिला जहां दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में मामूली गिरावट आई। लेकिन इसके उलट ही  राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस बार दीपोत्सव के दौरान लोगों द्वारा फोड़े गए पटाखों से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा है। जयपुर में इस बार दीपावली की रात को प्रदूषण का स्तर दोगुना बढ़ गया और वातावरण में खतरनाक धूआं घुुल गया जिससे सांस के मरीजों को अब तक भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 
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जानकारी के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने दीपावली एक सप्ताह पहले और उसके अगले दिन प्रदूषण स्तर की तुलना की। नतीजतन स्थितियां काफी भयावह पाई गई। बताया गया कि दीपावली की रात में शहर की हवा में भारी मात्रा में हानिकारक केमिकल सल्फर डाई आॅक्साइड और नाइट्रोजन आॅक्साइड बुरी तरह से घुल गया था जो लोगों की सेहत के लिए काफी जानलेवा साबित हो सकता है। 
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जिस इलाके में पटाखे चलाने पर रोक वहां सबसे ज्यादा प्रदूषण

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जयपुर शहर में इस बार कलेक्टर के आदेशों के अनुसार विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में कुछ स्थानों पर पटाखे चलाने पर प्रशासनिक रोक लगाई गई थी मगर आंकड़ों की माने तो दीपावली की रात वीकेआई इंडस्ट्रियल एरिया सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने 12 अक्टूबर सुबह 6 बजे से 13 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक शहर के आठ स्थानों पर प्रदूषण के स्तर की जांच की थी और ऐसे ही फिर दीपावली के दिन सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक प्रदूषण की स्थिती को जांचा था।

विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में दीपावली की रात में प्रदूषण की स्थिती 496 आएसपीएम रही जबकि 13 अक्टूबर तक यहां 275 आरएसपीएम प्रदूषण स्तर था। इसके अलावा परकोटे में चांदपोल इलाके में दीपावली की रात को प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा रहा। यहां 13 अक्टूबर तक प्रदूषण का स्तर 175 आरएसपीएम था जो कि दिवाली की रात तक बढ़कर 483 हो गया। 

 
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