शहर के ज्योति नगर थाने में दस साल पहले तिरंगे के अपमान मामले की जांच पूरी नहीं होने पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। एसीएमएम-9 जयपुर मेट्रो सुमन गुप्ता ने जांच अधिकारी एसीपी अशोक नगर को तलब किया है।
कोर्ट ने एसीपी अशोक नगर को 28 मार्च को व्यक्तिश: तलब करते हुए स्पष्टीकरण पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले में नागरिक मोर्चा के कमलेश शर्मा ने 28 नवम्बर 2007 को अदालत में आरसीए के अध्यक्ष ललित मोदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. विमला सोनी, सचिव सुभाष जोशी सहित अन्य के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान निरोधक एक्ट 1971 की धारा-दो एवं आबकारी एक्ट के अन्तर्गत परिवाद पेश किया था। 18 नवम्बर 2007 को एसएमएस स्टेडियम में भारत-पाक के बीच क्रिकेट मैच था।
इस दौरान वीपीआईपी गैलेरी में बैठे दर्शक नशे में थे तथा तिरंगे को मेजपोश बना रखा था। यही नहीं तिरंगे पर शराब की बोतल व गिलास रखे हुए थे। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अदम पता मुलजिमान में एफआर पेश कर दी थी। 8 जनवरी 2015 को हाईकोर्ट ने पुलिस को निष्पक्ष अग्रिम अनुसंधान के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस अंतिम नतीजा कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। प्रगति रिपोर्ट भी 8 अप्रेल, 15 मई और एक जून को कोर्ट में एक जैसी ही बार-बार पेश की गई।