कल तक साधारण सा नजर आने वाला एक रेलवे स्टेशन देखते ही देखते चमक उठा। सफेद दीवारों पर अब बोलती हुई तस्वीरें नजर आने लगी है।
यह रेलवे स्टेशन धोरों की धरती जैसलमेर का है। यहां ट्रेन से उतरते ही सैलानियों को राजस्थानी संस्कृति और परम्पराओं का अहसास होने लगता है। धोरों के दर्शन यहां स्टेशन पर ही हो जाते है।देसी—विदेशी सैलानियों को राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति, पहनावा व लोकनृत्यों से रूबरू कराने के लिए रेलवे ने यहां स्टेशन पर पेंटिग्स करवाई है। रेलवे स्टेशन पर सौंदर्यन के लिए कराए इस काम को लेकर सैलानियों में भी जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है।