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पद्मावतः इतिहास से छेड़छाड़ के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन के लिए जनता स्वतंत्र- RSS

Tue, 23 Jan 2018 02:49 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
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विवादित फिल्म 'पद्मावत' को लेकर देश भर में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी अपना रुख साफ किया है। संघ ने भी आशंका जताई है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर इतिहास के साथ खिलवाड़ गलत है।
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आरएसएस के उत्तर पश्चिम क्षेत्रिय संघ चालक भगवती प्रसाद ने कहा है कि इतिहास की गरिमा बनाए रखने के लिए सरकारों को भी ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने वालों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि संघ ने सोमवार को यह स्पष्ट किया था कि संघ भी नहीं चाहता कि ये फिल्म रिलीज हो। 

जनभावना को ध्यान में रखते हुए इतिहास के संदर्भ में जो भी अभिव्यक्त किया जाए, वो राष्ट्रीय हित में होना चाहिए। प्रसाद ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी बताकर यदि कोई ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करता है और जनभावना या समाज विशेष को ठेस पहुंचाता है, तो समाज भी जनतांत्रिक तरीके से किसी भी प्रकार की ऐतिहासिक छेड़छाड़ के विरूद्ध आंदोलन एवं जन जागरण के लिए स्वतंत्र है।
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जायसी ने 'पद्मावत' में शामिल की कल्पनाएं

padmaavat protest
भगवती प्रसाद ने कहा है कि संघ का हमेशा से यही मानाना रहा है कि हमारे राष्ट्र में ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास सम्मत जन भावना के अनुरूप ही अभिव्यक्त करना चाहिए।

प्रसाद ने कहा कि पूर्व में मलिक मोहम्मद जायसी ने एक ऐतिहासिक कथानक 'पद्मावत' में अपनी कल्पनाओं को शामिल कर दिया था, मगर पात्रों की गरिमा, ऐतिहासिक तथ्य और जनभावनाओं को ध्यान में ही नहीं रखा था।

उन्होनें कहा कि हमारे देश में ऐतिहासिक उपन्यास, कथा, नाट्य, लेखन, मंचन तथा फिल्म निर्माण की अपने देश में लम्बी परम्परा रही है। मलिक मुहम्मद जायसी ने ऐतिहासिक कथानक को ही कल्पना विस्तार दिया है। ऐतिहासिक उपन्यास, कथा, नाट्य, लेखन, मंचन तथा फिल्म निर्माण की अपने देश में लम्बी परम्परा रही है।
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