राजस्थान सरकार की ओर से गुर्जर सहित अन्य जातियों को आरक्षण देने के लिए हाल ही विधानसभा में पेश किए गए विधेयक पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि राजनेता देश को बांट रहे हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण विधेयक 2017 की संवैधानिकता को चुनौति गंगासहाय शर्मा ने दी थी। न्यायाधीश के.एस. झवेरी तथा वी.के. व्यास की खंडपीठ ने विधेयक की क्रियांवती पर रोक के आदेश दिए। याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से यथा स्थिति के बावजूद भी बिल को पास किया गया है।
बिल के जरिये गुर्जर सहित कुछ जातियों को ओबीसी में 5 फीसदी आरक्षण दिया गया है। इससे ओबीसी आरक्षण 21 फीसदी से बढ़कर 26 फीसदी हो गया है। राजस्थान में कुल आरक्षण भी अधिकतम सीमा को पार कर 54 फीसदी पहुंच गया है।