Hazrat Khwaja Moinuddin Chishti Salana Urs
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विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का 811वां सालाना उर्स जनवरी, 2023 में शुरू होगा। उर्स के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से जायरीन अजमेर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उर्स के सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए अन्य राज्यों से जायरीन को लेकर आने वाली यात्री बसों पर लगने वाले मोटर वाहन कर एवं सरचार्ज में रियायत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कुल 22 दिन रहेगी आंशिक छूट
निर्णय के अनुसार राजस्थान मोटरयान कराधान अधिनियम, 1951 की धारा-3 के अंतर्गत वाहनों पर देय कर में 7000 रुपये से अधिक के समस्त करों पर रियायत दी गई है। मोटर वाहन कर एवं सरचार्ज में आंशिक छूट 15 जनवरी से 05 फरवरी, 2023 (कुल 22 दिन) तक रहेगी।
उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों से आने वाली यात्री बसों पर 1600 रुपये प्रतिदिन मोटर वाहन कर लगता है तथा यह कर न्यूनतम पांच दिन के लिए जमा कराना आवश्यक होता है। उर्स में आने वाली बसों का ठहराव न्यूनतम सात दिन रहता है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक वाहन द्वारा देय कर 11200 रुपये तथा सरचार्ज 700 रुपये सहित कुल 11900 रुपये बनता है। मुख्यमंत्री के निर्णय से अब यात्री बसों द्वारा केवल 7000 रुपये ही कर के रूप में देय होंगे। इससे 4900 रुपये प्रति बस की रियायत मिल सकेगी।
रियायत के निर्णय पर भाजपा ने दी तीखी प्रतिक्रिया
अजमेर उर्स में अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों के कर में राजस्थान सरकार के रियायत देने के निर्णय पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अशोक गहलोत और कांग्रेस शुरू से ही तुष्टीकरण की नीति पर चलते हैं। इनकी मानसिकता शुरू से ही हिंदू विरोधी रही है। तुष्टिकरण के साथ उन्होंने जिस तरह से अजमेर के उर्स मेले में वाहनों के कर में जो रियायत दी है वह आज तक पुष्कर मेले या खाटू श्याम जी के मेले में नहीं दी। यह केवल वोटों की राजनीति करते हैं। उनको अपना वोट बैंक समझते हैं। अपनी हिंदू विरोधी मानसिकता के आधार पर इस प्रकार का निर्णय वास्तविकता में उचित नहीं है।