जयपुर के नजदीक जमवारामगढ़ तहसील के धौलां कस्बे में रविवार को एक दिल दहलाने वाला मंजर सामने आया, जब चाय बनाते वक्त गैस सिलेंडर भभक गया और कमरे में एक महिला आग की लपटों से घिर गई। मां को चीख पुकार मचाते वक्त आग से घिरा देखकर, वहां मौजूद तीन साल की बेटी भी मां से लिपट गई। चंद मिनटों में ही मां और बेटी की जिंदा जलने से मौत हो गई।
आग लगने के कारण खुद को बचाने के लिए महिला कमरे में इधर-उधर भागी, जिससे वहां रखे कपड़ों में आग लग गई। तेज लपटें उठने पर धुंआ बाहर निकलने लगा। मां व तीन साल की बेटी की चीख पुकार मचने पर आसपास के लोग दौड़ते हुए वहां पहुंचे। लोगों ने गैस सिलेंडर को हिम्मत दिखाते हुए घर से बाहर ले जाकर दूर फेंका। गनीमत रही कि सिलेंडर नहीं फटा।
हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय सरपंच, हल्का पटवारी व ताला पुलिस चौकीप्रभारी तथा पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंची। पुलिस ने गम्भीर रूप से झुलसी हुई मौसमी एवं उसकी तीन साल की बेटी को निम्स हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार मौसमी देवी के मकान में दो ही कमरे हैं। एक कमरे में वह रहती थी और दूसरे में उसकी बहन रहती है। वह खाना भी उसी कमरे में बनाती थी। साथ ही, कमरे में रोशनदान भी नहीं था। इससे गैस बाहर नहीं निकल सकी और चूल्हे ने आग पकड़ ली।