राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में आज प्रेम खां की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई हुई। इस दौरान नाबालिग ने हाईकोर्ट में पिता के साथ जाने से इनकार करते हुए आत्महत्या की धमकी दे डाली। इससे एक बारगी तो न्यायाधीश भी चौंक गए।
दरअसल, पुलिस ने बालिका सुधार गृह से नाबालिग को कोर्ट में पेश किया। यहां सुनवाई के दौरान नाबालिग ने कोर्ट के समक्ष कहा कि वह अपने पिता के साथ नहीं जाएगी, बल्कि वह आत्महत्या कर लेगी। इस तरह जब कोर्ट में नाबालिग ने आत्महत्या की धमकी दी तो हाईकोर्ट ने पीड़िता का दर्द जानने का प्रयास किया। जस्टिस गोपालकृष्ष्ण व्यास व जस्टिस मनोज गर्ग ने नाबालिग की पीड़ा को समझते हुए यह जानने का प्रयास किया कि नाबालिग आत्महत्या की धमकी क्यों दे रही है।