एक अस्पताल के बाहर तीन दिन पहले सड़क पर हुए प्रसव मामले को चिकित्सा मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपना लिया है।
जांच रिपोर्ट के बाद राजस्थान के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने जयपुर स्थित जयपुरिया अस्पताल में तैनात ग्रेड द्वितीय नर्स माया गुप्ता को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया है। साथ ही डीएनबी स्टूडेंट राधा अग्रवाल को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में चिकित्सा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति गठित कर 3 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह कार्यवाही की गई।
वहीं, चिकित्सा मंत्री सराफ ने जयपुरिया चिकित्सालय में मरीजों एवं विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए अनवरत 24 घन्टे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
नर्सिंगकर्मियों ने आज रैली निकाली थी, लेकिन...
चिकित्सक
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अब इस चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं निश्चेतन की सुविधाएं राउन्ड द क्लोक उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं चिकित्सा कार्मिंको से राजकीय चिकित्सा केन्द्रों में आने वाले मरीजों के साथ सद्व्यवहार कर जांच व उपचार कार्य करने का आग्रह किया है।
दूसरी तरफ, नर्स को एपीओ करने के विरोध में नर्सिंगकर्मियों ने कार्य का बहिष्कार कर आज रैली निकाली थी। इसके बाद डॉक्टर रेखा सिंह से चंद्रशेखर शर्मा के नेतृत्व में नर्सिंगकर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल मिला।
बातचीत में डॉक्टर रेखा ने कहा की वह कमेटी के निर्णय के खिलाफ नहीं जा सकती, लेकिन यदि नर्स माया गुप्ता दोषी नहीं है तो मैं कोशिश करूंगी की इसको अभी रिलीव नहीं किया जाए, मामले को रिव्यू किया जाये और जल्द ही वापस इसी अस्पताल में लगा दिया जाए। इस पर सभी नर्सिंगकर्मिंयों ने डॉक्टर रेखा पर विश्वास जताते हुए हड़ताल समाप्त कर दी।