भारत की अंडर-19 टीम के तेज गेंदबाज को खरीदने को लेकर आईपीएल फ्रेंचाइजी में जबरदस्त रस्सा-कस्सी हुई। तेज गेंदबाज कमलेश नागरकोटी को लेकर बीस लाख के बेस प्राइज से शुरू हुई बोली तीन करोड़ बीस लाख पर जाकर रुकी। कोलकाता नाइटराइडर्स ने तीन करोड़ 20 लाख रुपए में युवा तेज गेंदबाज को खरीदा।
सवाल यह है कि आखिर इस युवा गेंदबाज में ऐसा क्या है कि उन्हें लेने के लिए फ्रेंचाइजी इतनी लालायित रही। जयपुर के सिरसी रोड निवासी कमलेश की बॉलिंग की भारत के पूर्व किक्रेटर सौरभ गांगूली तारीफ कर चुके हैं। अंडर-19 विश्वकप में कमलेश ने अपनी रफ्तार से सभी को हैरान कर दिया था। कमलेश 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद डालते हैं।
दिग्गजों ने की थी उनकी तारीफ
कमलेश नागरकोटी
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अंडर-19 वर्ल्ड कप में जयपुर के कमलेश नागरकोटी ने 145 किमी. प्रति घंटा से अधिक गति की गेंदबाजी करके सबको चौंका दिया। नागरकोटी ने अपनी स्पीड का जलवा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले वन-डे में दिखाया। मैच में एक बॉल तो नागरकोटी ने 149 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से फेंकी।
कमेंटेटर सौरव गांगुली ने नागरकोटी और दूसरे युवा गेंदबाज शिवम मावी की अपने ट्विटर हेंडल पर तारीफ की थी। सौरव गांगुली ने ट्वीट में कहा था कि इन दोनों युवा तेज गेंदबाजों पर नजर रखी जाए। उन्होंने अंडर-19 टीम में खेल रहे इन दोनों प्लेयर्स को सबसे तेज और टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बताया।
वहीं दूसरी तरफ पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग भी इन दोनों की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सके थे। उन्होंने भी ट्विटर पर लिखा था कि यह सच है कि हमारे लड़कों की ओर से तेज गेंदबाजी की गई। टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर अच्छी शुरुआत की।
खलील को मिले तीन करोड़
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इस साल घरेलू सीजन में अपने धारदार गेंदबाजी से राजस्थान को कूच बिहार ट्रॉफी के सेमिफाइनल तक का सफर कराने वाले तेज गेंदबाज खलील अहमद पर भी सबकी निगाहें टिकी थी। खलील को सनराइजर्स हैदराबाद ने तीन करोड़ में खरीदा। खलील राजस्थान के टोंक के रहने वाले हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस बार वे फाइनल11 को हिस्सा हो पाएंगे।
हालांकि खलील पिछले साल से दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रह चुके हैं। राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील भी भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं।