ग्रीष्मकालीन अवकाश में शिक्षकों के लिए आवासीय शिविरों के मामले में रोज नया विवाद खड़ा हो रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से लगाए जा रहे आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर की व्यवस्थाओं पर सवाल लगने लगे हैं। शिक्षकों ने पहले जहां शिविर का विरोध किया तो अब उस आदेश का विरोध किया है, जिसमें उन्हें घर से ही बिस्तर व बैडशीट लाने की बात कही है।
दरअसल शिक्षा सचिव ने शिक्षकों के लिए की जाने वाली व्यवस्था में प्रति शिक्षक 75 रुपए की बढोतरी करने का दावा किया था, जिससे सुविधाओं में कोई कमी न रहे। लेकिन इसके ठीक बाद ही शिक्षकों को घर से बिस्तर लेकर आने की बात कह दी गई। ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि चार दिन बाद शुरू होने वाले इन शिविर के नजदीक आते ही हर रोज व्यवस्थाओं की पोल खुल रही है। रोज नए आदेश दिए जा रहे हैं। इन सभी की व्यवस्था विभाग को अपनी ओर से करनी चाहिए थी।
इसके अलावा शिक्षकों का कहना है कि आवासीय प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को बुलाने को लेकर भी गफलत नजर आ रही है। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया प्रशिक्षण आदेशों में बहुत घालमेल किया गया है, जो शिक्षक संबंधित विषय नहीं पढ़ाते उन्हें प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है।
प्रशिक्षण में ऐसे शिक्षकों का चयन किया गया है, जो कक्षा 1 से 5 तक सम्बन्धित विषय पढ़ाते ही नहीं जबकि उनका चयन प्रशिक्षण के लिए कर लिया गया एवं जो पढाते है उनको वंचित रखा गया है। अधिकारियों की ओर से अनावश्यक फेरबदल भी किया गया है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शशिभूषण शर्मा ने कहा ऐसा करना एक सरकारी योजना को नुकसान पहुंचाने व अवरुद्ध करने वाला कदम हैं, संबंधित के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए। संगठन ने एसएसए आयुक्त को इस अनियमितता के बारे में अवगत कराया और जल्द ही कार्रवाई की मांग की। शिक्षकों ने इन शिविरों के विरोध में गुरुवार को विधानसभा से लेकर शिक्षा संकुल तक वाहन रैली भी निकाली।