जयपुर की मुहाना मंडी में वेस्ट यानि कचरे का निपटारा स्वीडन की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए यहां हाईटेक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम डवलप किया जाएगा।
कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी बताया कि मुहाना मंडी में हाईटेक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम डवलप करने के लिए कोटा में आयोजित ग्राम के दौरान एमओयू साइन हो चुका है। उन्होंने बताया कि मंडियों में निकलने वाला ज्यादातर कचरा जैविक होता है और इसका उपयोग बायोगैस बनाने के साथ-साथ जैविक उर्वरक बनाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे मंडी भी साफ-सथुरी हो जाएगी और इस कचरे का निस्तारण भी सही तरीके से हो जाएगा। यह तकनीक इको फ्रेंडली भी है।
कृषि मंत्री सैनी ने कहा कि इस कचरे से बिजली भी उत्पादित की जा सकती है, जिससे बिजली के बिल का बोझ कम होगा। उन्होंने स्वीडन का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां केवल एक प्रतिशत कचरा ही डस्टबीन में जाता है, 99 प्रतिशत कचरा को रिसाइकिल कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब स्वच्छता और तकनीक के उपयोग के आधार पर मंडियों की ग्रेडिंग करेगी, इसलिए प्रयास किए जाएं कि राजस्थान की सभी मंडियों को अच्छी ग्रेड मिले।