राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।
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राजस्थान सरकार ने शिक्षा विभाग में संविदा में कार्यरत 31 हजार से अधिक शिक्षाकर्मी, पैराटीचर्स और पंचायत सहायकों को दिवाली का तोहफा दिया है। इन कार्मिकों को राजस्थान सिविल पदों पर संविदा पर रखा जाना नियम-2022 में शामिल किया है। इसके तहत इनके पदनाम और वेतनमान भी बदले गए हैं।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार स्कूल शिक्षा, भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने इसको लेकर शुक्रवार को आदेश जारी किए। गहलोत सरकार के इस कदम के बाद अब शिक्षा कर्मी शिक्षा सहायक, पैराटीचर्स पाठशाला सहायक और ग्राम पंचायत सहायक विद्यालय सहायक कहलाएंगे। आदेश के तहत राज्य के 23749 ग्राम पंचायत सहायक, 3838 शिक्षाकर्मी और 3886 पैराटीचर्स इस नियम में शामिल होंगे।
नौ साल बाद इनका संशोधित पदनाम शिक्षा सहायक ग्रेड सेकंड, पाठशाला सहायक ग्रेड सेकंड और विद्यालय सहायक ग्रेड सेकंड रहेगा। इनका मानदेय बढ़कर 18 हजार 500 रुपए हो जाएगा। इसी प्रकार 18 साल की सेवा पूरी करने के बाद संशोधित पदनाम शिक्षा सहायक ग्रेड प्रथम, पाठशाला सहायक ग्रेड प्रथम और विद्यालय सहायक ग्रेड प्रथम रहेगा। इन मानदेय बढ़कर अब 32 हजार 300 रुपए हो जाएगा।