लहसुन की खेती करने वाले किसानों पर विवादास्पद बयान देने वाले राज्य के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी पर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने निशाना साधा है। पूर्व मंत्री धारीवाल ने कहा कि हाड़ौती प्रदेश का लहसुन उत्पादन में अग्रणी क्षेत्र है लेकिन बीजेपी सरकार में न सिर्फ किसानों की बेकद्री हो रही है बल्कि किसानों की खून पसीने की कमाई और उनकी फसलों को भी यह सरकार बर्बाद कर रही है।
ऐसे में राज्य के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी किसानों की बर्बादी का मजाक उड़ाते हुए यह कह रहे हैं कि लहसुन की बुआई के लिए हमने किसानों को नहीं कहा। ऐसा बेतूका बयान देने वालें कृषि मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। पूर्व मंत्री धारीवाल ने बयान जारी कर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि लहसुन की बंपर आवक होने के बावजूद किसानों को लहसुन की मंडियों में मिल रहे कम दामों के चलते इधर उधर रखना पड़ रहा है और कई किसानों की तो लहसुन की बेहतरीन फसल खराब भी होने लगी है। पूर्व मंत्री ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार एक ओर तो एग्रोटेक मीट जैसे आयोजन करके करोड़ों रुपए बर्बाद कर रही है, वहीं किसानों को लहसुन के वाजिब समर्थन मूल्य के लिए किसान तरस रहा है।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार के वक्त किसानों को गेहूं , सरसों सहित अन्य फसलों पर उचित समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी दिया जाता था लेकिन इस सरकार ने किसानों को बोनस तो दूर उचित समर्थन मूल्य के लिए भी तरसा दिया है। पूर्व मंत्री ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए किसानों के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ने की चेतावनी दी।