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Cow Death in Bikaner: वसुंधरा का सरकार पर हमला, कहा- गायों को मां की संज्ञा दी गई, उसे दो गज जमीन नहीं मिल रही

Wed, 07 Sep 2022 04:57 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान समेत कई राज्यों में लंपी बीमारी कहर बरपा रही है। गोवंश में फैले इस वायरस की तुलना इंसानों के लिए जानलेवा रहे कोरोना वायरस से की जा रही है। राजस्थान और गुजरात में तो इस बीमारी के कारण हजारों की संख्या में गोवंश की मौत हो चुकी है। इस मामले पर अब राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने नाराजगी व्यक्त की है।
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पूर्व सीएम वसुंधरा राजे - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राजस्थान के बीकानेर जिले में लंपी बीमारी गोवंश पर कहर बनकर टूट रही है। जिले में रोजाना 200 से ज्यादा गोवंश दम तोड़ रही हैं। वहीं, अब तक 10 हजार से ज्यादा गायों की मौत हो चुकी है। लेकिन प्रशासन इन आंकड़ों को छिपाने में लगा हुआ है।

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वहीं, नगर निगम की असंवेदनशीलता भी सामने आई है। निगम प्रशासन की ओर से बीकानेर शहर से महज पांच किलोमीटर दूर जोरबीर में गायों के शव को खुले में फेंका गया है। हजारों गायों के शवों को जंगली जानवर और चील गिद्ध नोंच रहे हैं। वहीं तीन किलोमीटर तक फैली दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। लोगों पर भी संक्रमण और बीमारी का खतरा मंडरा रहा है।

दूसरी ओर निगम आयुक्त का कहना है, लंपी से अब तक हुई गायों की मौत का आंकड़ा कम है। गोवंश के शवों को ठेकेदार से सही तरह से निस्तारित करने को कहा गया है। जोहरबीड़ इलाका मृत पशुओं के लिए बनाया गया है। ठेकेदार के आदमी इन गोवंश की खाल निकालता है और हड्डियां सूखने के बाद बाजार में बेचता है। लेकिन अब तक सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक और प्रशासन लंपी पर काबू पाने में नाकाम साबित रहा है।
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पूर्व सीएम ने ट्वीट कर कहा...
राजस्थान की पूर्व सीएम रहीं वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया के जरिए ट्वीट कर कहा, भारतीय संस्कृति में जिस गाय को 'मां' की संज्ञा दी गई है, उसका ऐसा हश्र अब तक कभी नहीं हुआ। राजस्थान की कांग्रेस सरकार लंपी संक्रमण से गाय को बचाने के लिए न तो उपचार की व्यवस्था कर रही है और न ही उन्हें मरने के बाद दो गज जमीन मिल रही है।



उन्होंने कहा, यह तस्वीर भले ही बीकानेर की हो, लेकिन पूरे राजस्थान में आज गौमाता की यही स्थिति है। मृत गायों को खुले में फेंकने से संक्रमण तेजी से फेल रहा है। कहीं यह महामारी न बन जाए। क्योंकि मृत गायों की दुर्गंध और प्रदूषण से आस-पास के लोगों में भी अन्य बीमारियां फेल रही हैं।

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