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सात मासूमों सहित 13 से ज्यादा मौत, अभी भी 'भगवान' नहीं माने, आज फिर वार्ता

Thu, 09 Nov 2017 10:03 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
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धरती का भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों का पत्थर दिल लगातार दम तोड़ रहे मरीजों को भी देखकर नहीं पसीजा है। बीते तीन दिनों से राजस्थान में करीब दस हजार चिकित्सक हड़ताल पर है। राजस्थान सरकार और हड़ताली चिकित्सकों दोनों के अड़ियल रुख का खामियाजा मरीजों का उठाना पड़ रहा है।
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बीते तीन दिनों में प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर ईलाज के अभाव में करीब दर्जन भर मरीज दम तोड़ चुके है। इनमें सात मासूम सम्मलित है। सबसे अधिक जान कोटा में गई है। यहां दो दिन में पांच मासूमों की मौत हुई है। राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था के हालात और खराब हो सकते है क्योंकि आज दोपहर बाद से प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टर पर भी हड़ताल पर जा रहे है।
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मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है

वसुंधरा राजे
इनका कहना है ​कि वे राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के समर्थन में हड़ताल पर जा रहे है। हालांकि अभी तक राजस्थान के सात बड़े मेडिकल कॉलेजों में ​चिकित्सक कार्य कर रहे है। वहीं राजस्थान सरकार ने रेलवे व आर्मी के अस्तपतालों में भी मरीजों के लिए व्यवस्था की है। जानकारी के अनुसार हड़ताली चिकित्सकों व सरकार  के मध्य आज फिर से शाम को वार्ता हो सकती है। 
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