धरती का भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों का पत्थर दिल लगातार दम तोड़ रहे मरीजों को भी देखकर नहीं पसीजा है। बीते तीन दिनों से राजस्थान में करीब दस हजार चिकित्सक हड़ताल पर है। राजस्थान सरकार और हड़ताली चिकित्सकों दोनों के अड़ियल रुख का खामियाजा मरीजों का उठाना पड़ रहा है।
बीते तीन दिनों में प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर ईलाज के अभाव में करीब दर्जन भर मरीज दम तोड़ चुके है। इनमें सात मासूम सम्मलित है। सबसे अधिक जान कोटा में गई है। यहां दो दिन में पांच मासूमों की मौत हुई है। राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था के हालात और खराब हो सकते है क्योंकि आज दोपहर बाद से प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टर पर भी हड़ताल पर जा रहे है।