राजस्थान हाईकोर्ट में आदर्श नगर स्थित खड्डा बस्ती के मामले में राज्य सरकार और विस्थापितों की ओर से एमओयू पेश किया गया। जिसमें अदालत को बताया गया कि 8 अक्टूबर तक खड्डा बस्ती को खाली करवाकर विस्थापितों को पुनर्वास कर दिया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर जेडीए तीन दिन में जबरन बस्ती को खाली करा लेगा। एमओयू को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने कहा कि बस्ती खाली होने पर तत्काल उसे कब्जे में लिया जाए।
न्यायाधीश केएस अहलुवालिया और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की एकलपीठ ने यह आदेश साकेत कॉलोनी विकास समिति की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान विस्थापितों की ओर से बस्ती खाली करने के लिए समय मांगा गया। वहीं अदालत में पेश एसीएस यूडीएच ने कहा कि बस्ती खाली करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर अदालत ने दोनों पक्षों को तत्काल बस्ती खाली करने के संबंध में एमओयू पेश करने को कहा।
इस पर दोनों पक्षों ने एमओयू तैयार कर अदालत में पेश किया। एमओयू में बताया गया कि 494 विस्थापितों ने जगतपुरा खोर में फ्लैट लेना स्वीकार कर लिया है। जबकि 23 लोग पालड़ी मीणा में भूखंड लेंगे। इन्हें 15 सिंतबर से आवंटन पत्र जारी कर दिए जाएंगे। वहीं विस्थापित लोग 28 सितंबर को डिमांड राशि जमा करवाकर पांच अक्टूबर तक बस्ती खाली कर देंगे।