राजस्थान में चुरु जिले के मालासर में कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर से पहले सिरसा हरियाणा से शनिवार को पुलिस की गिरफ्त में आए उसके छोटे भाई रूपेंद्रपाल उर्फ विक्की और देवेंद्रपाल सिंह उर्फ गट्टू को पुलिस ने परबतसर एसीजेएम के सामने पेश किया। अदालत ने दोनों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जहां, परबतसर के तत्कालीन एसएचओ अनिल पांडे दोनों की शिनाख्त करेंगे।
इस दौरान एसओजी अधिकारियों के नेतृत्व में क्यूआरटी की हथियारबंद्द टीम सुरक्षा के लिए मौजूद थी। शिनाख्त परेड के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश कर रिमांड में लिया जाएगा। इन दोनों को 3 सितंबर 2015 में परबतसर नागौर में आनंदपाल के पुलिस हिरासत से फरार होने के मामले में गिरफ्तार किया है। तब तत्कालीन थानाप्रभारी अनिल पांडे थे, उन्होंने ही इस संबंध में परबतसर थाने में मामला दर्ज कराया था।
इधर, रतनगढ़ अस्पताल के बाहर जुटी भीड़, नारेबाजी
रतनगढ़ अस्पताल के बाहर भीड़ का प्रदर्शन
- फोटो : Vishnu Sharma
आनंदपाल का शव लेने से इंकार करने के बाद रविवार को उसके शव को रतनगढ़ के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में डी-फ्रीज में रखवा दिया गया था। वहां भारी संख्या में आरएसी की कंपनी तैनात कर दी गई। लेकिन सोमवार दोपहर को सैंकड़ों की संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और वहां नारेबाजी शुरु कर दी। इससे तनाव व्याप्त हो गया।
गौरतलब है कि आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद उसके गृह जिले नागौर में लाडनूं तहसील के सांवराद गांव में भारी आक्रोश है। परिजनों ने आनंदपाल के एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाने के अलावा गिरफ्तारशुदा भाई देवेंद्रपाल व रुपेंद्रपाल की मौजूदगी में आनंदपाल के शव के दाहसंस्कार करवाने की मांग की है।
सोमवार को भी नागौर में हाइवे पर कई जगह जाम लगा दिया है। रास्ते में आक्रोशित लोगों ने आगजनी भी की। इसके पहले रविवार को भी आनंदपाल के पैतृक गांव में रविवार शाम करीब पौने 4 बजे लाडनूं-डीडवाना हाइवे को जाम कर पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया। जिसमें जसवंतगढ़ थानाप्रभारी इंद्राज मारोडिया घायल हो गए थे।